जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ा एक अहम निर्देश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब योजना की अगली किस्त केवल उन्हीं किसानों को मिलेगी जिन्होंने फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर अपना पंजीकरण पूरा कर लिया है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया है कि इस प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए ताकि कोई पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने यूपी के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस कार्य में व्यक्तिगत रुचि लें और अपने-अपने जिलों में रजिस्ट्री कार्य की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर पात्र किसान का डेटा फार्मर रजिस्ट्री में दर्ज हो जाए और यह प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी हो।
किसानों को रजिस्ट्री की प्रक्रिया से जोड़ने के लिए सरकार ने जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश भी दिए हैं। गांव-गांव में सूचना प्रसारित की जाएगी ताकि किसान समझ सकें कि बिना रजिस्ट्री कराए उन्हें अगली किस्त का लाभ नहीं मिलेगा।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा है कि ग्राम स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएं। इन कैंपों में किसानों का पंजीकरण तुरंत किया जाए ताकि किसी किसान को ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत न हो।
यूपी के मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि फार्मर रजिस्ट्री में काम कर रही टीमों को अधिक सक्रिय किया जाए। इन टीमों का काम होगा कि वे गांवों में जाकर किसानों का डाटा एकत्र करें और समय पर रजिस्ट्री पूरी करें।
सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि कोई भी पात्र किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना से वंचित न रह जाए। लेकिन अब फार्मर रजिस्ट्री में नाम न होने पर किसानों को अगली किस्त नहीं मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में अब तक कुल 1,34,79,046 किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री में अपना पंजीकरण कराया है। यह कुल पात्र किसानों का करीब 54.28 प्रतिशत है। यानी अभी भी करीब आधे किसान ऐसे हैं जिन्होंने अब तक रजिस्ट्री नहीं कराई है।
राज्य सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर लें। ऐसा करने से वे पीएम किसान सम्मान निधि की आगामी किस्त के साथ-साथ अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सकेंगे।