पीएम किसान योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को हर साल कुल 6000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। यानी हर चार महीने में किसानों के बैंक खाते में 2000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाते हैं। यह पैसा डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजा जाता है, जिससे किसी तरह की धोखाधड़ी की संभावना कम हो जाती है।
सरकार की ओर से अब तक पीएम किसान योजना की 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। आखिरी यानी 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी की गई थी। इस किस्त का लाभ देशभर के करोड़ों किसानों को मिला था। इसके बाद से किसान अगली यानी 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से 22वीं किस्त को लेकर कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। हालांकि पिछली किस्तों के पैटर्न को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि 22वीं किस्त फरवरी या मार्च 2026 में जारी की जा सकती है। आमतौर पर सरकार हर 4 महीने के अंतराल पर किस्त जारी करती है, इसलिए किसानों को अगले साल की शुरुआत में राहत मिलने की उम्मीद है।
वित्त वर्ष 2025-26 का केंद्रीय बजट 1 फरवरी 2025 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया जाएगा। इस बजट में किसानों से जुड़ी योजनाओं पर खास ध्यान दिया जा सकता है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार पीएम किसान योजना को लेकर कोई बड़ा ऐलान कर सकती है, हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कई किसान यह जानना चाहते हैं कि क्या पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाली राशि को बढ़ाया जाएगा। फिलहाल सरकार की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि 2000 रुपये प्रति किस्त की राशि में बढ़ोतरी की जाएगी। लेकिन अगर भविष्य में सरकार इस राशि को बढ़ाने का फैसला करती है, तो इसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा।
पीएम किसान योजना का लाभ सभी किसानों को नहीं मिलता। जिन किसानों के पास फार्मर्स आईडी नहीं है, उन्हें इस योजना का पैसा नहीं मिलेगा। इसके अलावा ई-केवाईसी कराना भी अनिवार्य है। जिन किसानों ने अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं की है या भू-सत्यापन नहीं कराया है, वे भी इस योजना से वंचित रह सकते हैं।
अगर आप चाहते हैं कि 22वीं किस्त की राशि बिना किसी रुकावट के आपके खाते में आए, तो समय रहते सभी जरूरी काम पूरे कर लें। अपनी ई-केवाईसी पूरी करें, फार्मर्स आईडी बनवाएं और भू-सत्यापन जरूर कराएं। साथ ही पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लाभार्थी सूची में अपना नाम जरूर चेक करें, ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।