प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi) की 21वीं किस्त को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने कहा कि पात्र किसानों के खातों में जल्द ही ₹2,000 की अगली किस्त ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए उन्होंने राज्य सरकारों से अपील की है कि आधार सीडिंग, ई-केवाईसी और जमीन रिकॉर्ड सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर किसानों की लिस्ट केंद्र को भेजें।
19 सितंबर 2025 को जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा में आपदा प्रभावित फसलों का जायजा लेते हुए मंत्री चौहान ने कहा था कि कई सीमावर्ती किसान खेती कर रहे हैं लेकिन भूमि स्वामित्व प्रमाणित नहीं है। राज्य सरकार के सत्यापन के बाद 7 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के 8.5 लाख किसानों के खातों में 171 करोड़ रुपये की 21वीं किस्त ट्रांसफर की गई।
तमिलनाडु के वेल्लोर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित किसान चौपाल में कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पात्र किसानों की लिस्ट शीघ्र भेजे ताकि उन्हें भी अगली किस्त का लाभ मिल सके। राज्य के 22.24 लाख किसानों को अब अगली किस्त का इंतजार है, जबकि पिछली यानी 20वीं किस्त 2 अगस्त 2025 को 463.97 करोड़ रुपये की राशि के रूप में जारी की गई थी।
कृषि मंत्री ने एक्स (X) पर एक पोस्ट में बताया कि वे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को पत्र भेजेंगे, जिसमें आधार सीडिंग और ई-केवाईसी प्रक्रिया तेजी से पूरी करने का अनुरोध किया जाएगा ताकि किसानों को लाभ में देरी न हो।
फिलहाल 9.35 करोड़ से अधिक किसान देशभर में 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। इनमें उत्तर प्रदेश (2.29 करोड़), महाराष्ट्र (92 लाख), मध्य प्रदेश (83 लाख), बिहार (73.65 लाख), राजस्थान (71.79 लाख) और पश्चिम बंगाल (44.78 लाख) किसान शामिल हैं।
अक्टूबर 2025 की शुरुआत में पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 27 लाख से अधिक किसानों के खातों में 540 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई। पंजाब: 11,09,895 किसानों को ₹221.98 करोड़। हिमाचल प्रदेश: 8,01,045 किसानों को ₹160.21 करोड़। उत्तराखंड: 7,89,128 किसानों को ₹157 करोड़। साथ ही जम्मू-कश्मीर के किसानों को ₹171 करोड़ की 21वीं किस्त पहले ही भेजी जा चुकी है।
फरवरी 2019 में शुरू हुई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 3.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है।इस योजना के तहत भूमिधारक किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है।
कृषि मंत्री ने तमिलनाडु चौपाल में कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र किसान योजना से वंचित न रहे। उन्होंने किसानों को नेचुरल फार्मिंग, प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना और दलहन मिशन जैसी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी और भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
ई-केवाईसी (e-KYC) किसानों की पहचान सत्यापित करने की प्रक्रिया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र किसानों को ही मिले और किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो। सरकार ने इसे अनिवार्य किया है ताकि फर्जी लाभार्थियों को रोका जा सके। अगर किसान ई-केवाईसी पूरी नहीं करते हैं, तो वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त से वंचित रह सकते हैं। इसलिए समय पर ई-केवाईसी कराना आवश्यक है।