PM जनऔषधि केंद्र: जानें कैसे खोलें खुद का जनऔषधि केंद्र!

Jan Aushadhi Kendra Online Apply: अगर आप कम निवेश में ऐसा कारोबार शुरू करना चाहते हैं, जिससे अच्छी आय के साथ समाज की भी सेवा हो सके, तो प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र (PM Jan Aushadhi Kendra) आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इस योजना के तहत जेनेरिक दवाइयों की बिक्री की जाती है, जो ब्रांडेड दवाओं की तुलना में काफी सस्ती होती हैं। सरकार इस योजना के माध्यम से उद्यमियों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराती है, जिससे नया व्यवसाय शुरू करना आसान हो जाता है।

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated Jul 6 2026, 09:09 IST
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क्या है प्रधानमंत्री जन औषधि योजना?

प्रधानमंत्री जन औषधि योजना का उद्देश्य देश के हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयों को कम कीमत पर पहुंचाना है। इन केंद्रों पर मिलने वाली दवाइयां बाजार में उपलब्ध ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 से 80 प्रतिशत तक सस्ती होती हैं। इससे आम लोगों के इलाज का खर्च कम होता है और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलता है।

कौन खोल सकता है जन औषधि केंद्र?Image Credit : Pmbjppmbi02 / 08

कौन खोल सकता है जन औषधि केंद्र?

जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदक के पास डी. फार्मा (D.Pharma) या बी. फार्मा (B.Pharma) की डिग्री होना आवश्यक है। इसके अलावा कम से कम 120 वर्ग फुट जगह उपलब्ध होनी चाहिए। आवेदन के लिए 5,000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत फार्मासिस्ट, डॉक्टर, मेडिकल प्रैक्टिशनर, ट्रस्ट, गैर-सरकारी संगठन (NGO), निजी अस्पताल और राज्य सरकार द्वारा अधिकृत संस्थाएं भी आवेदन कर सकती हैं।

सरकार देती है आर्थिक सहायताImage Credit : Pmbjppmbi03 / 08

सरकार देती है आर्थिक सहायता

जन औषधि केंद्र संचालकों को सरकार की ओर से कई तरह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। दवाइयों की बिक्री के आधार पर हर महीने इंसेंटिव दिया जाता है। इसके अलावा दुकान के लिए फर्नीचर, कंप्यूटर और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए भी आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाती है। दवाओं की बिक्री पर मिलने वाला कमीशन इस व्यवसाय को और अधिक लाभदायक बनाता है।

तेजी से बढ़ रही है जन औषधि केंद्रों की संख्याImage Credit : Pmbjppmbi04 / 08

तेजी से बढ़ रही है जन औषधि केंद्रों की संख्या

पिछले कुछ वर्षों में देशभर में जन औषधि केंद्रों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। वर्तमान में सबसे अधिक केंद्र उत्तर प्रदेश में संचालित हो रहे हैं। इसके बाद केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु का स्थान आता है। सरकार ने मार्च 2027 तक देशभर में 25,000 जन औषधि केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। फिलहाल इन केंद्रों के माध्यम से हजारों प्रकार की दवाइयां और सैकड़ों मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदनImage Credit : Pmbjppmbi05 / 08

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

जन औषधि केंद्र के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किया जाता है। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान आधार कार्ड, पैन कार्ड, फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र, एड्रेस प्रूफ और मोबाइल नंबर जैसे जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए पोर्टल में लॉगिन किया जा सकता है। इसके अलावा इच्छुक आवेदक UMANG ऐप के माध्यम से भी आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया के चार चरणImage Credit : Pmbjppmbi06 / 08

आवेदन प्रक्रिया के चार चरण

लॉगिन करने के बाद आवेदन प्रक्रिया को चार चरणों में पूरा करना होता है। सबसे पहले आवेदन फॉर्म भरना होता है। इसके बाद प्रारंभिक स्वीकृति पत्र (Provisional Approval Letter) डाउनलोड किया जाता है।

लाइसेंस की जानकारीImage Credit : Pmbjppmbi07 / 08

लाइसेंस की जानकारी

तीसरे चरण में ड्रग लाइसेंस से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होती है और अंत में स्टोर कोड जनरेट किया जाता है। आवेदन के दौरान सभी दस्तावेज निर्धारित फॉर्मेट में अपलोड करना और दुकान की लोकेशन को मैप पर टैग करना अनिवार्य है।

आम लोगों के साथ कारोबारियों को भी फायदाImage Credit : Pmbjppmbi08 / 08

आम लोगों के साथ कारोबारियों को भी फायदा

प्रधानमंत्री जन औषधि योजना का लाभ सिर्फ मरीजों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वरोजगार का भी एक मजबूत माध्यम बनकर उभरी है। एक ओर लोगों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां मिल रही हैं, वहीं दूसरी ओर कारोबार शुरू करने वालों को सरकारी सहायता, इंसेंटिव और कमीशन के जरिए अच्छी कमाई का अवसर मिल रहा है। यही वजह है कि देशभर में इस योजना के प्रति लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है।

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