रेलवे के अनुसार बदबूदार वस्तुएं जैसे गीली खाल, चमड़ा आदि ट्रेन में ले जाना मना है। इसके अलावा विस्फोटक, ज्वलनशील और खतरनाक सामान पर भी पूरी तरह रोक है। पैकेजिंग में रखे तेल, ग्रीस, घी, रोगन या अन्य ऐसे पदार्थ जो रिसाव, टूट-फूट या संपर्क से अन्य सामान को नुकसान पहुंचा सकते हैं, उन्हें भी साथ ले जाने की अनुमति नहीं है।
सूखी घास, पत्तियां, रद्दी कागज, मरी हुई मुर्गियां या शिकार तथा तेजाब और अन्य संक्षारक पदार्थ भी प्रतिबंधित सूची में शामिल हैं। इसके अळावा ट्रेन में स्टोव, गैस सिलेंडर, पटाखे और अन्य विस्फोटक सामग्री ले जाना सख्त मना है। हालांकि, पोस्टर में यह उल्लेख है कि खाली गैस सिलेंडर को ब्रेक वैन में बुक कराया जा सकता है।
सूखा नारियल भी पूरी तरह प्रतिबंधित है, क्योंकि इसके बाहरी रेशेदार हिस्से से आग लगने का खतरा बना रहता है।
रेलवे के निर्देश के अनुसार एक यात्री अधिकतम 20 किलोग्राम तक घी साथ ले जा सकता है। इससे अधिक मात्रा नियमों के विरुद्ध मानी जाएगी।
रेलवे अधिनियम 1989 के तहत अगर कोई यात्री नशे की हालत में यात्रा करता है और दूसरों को परेशान करता है, तो उसका टिकट या पास रद्द किया जा सकता है। दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की जेल और 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
वहीं प्रतिबंधित सामान ले जाने पर 1000 रुपये तक का जुर्माना, तीन साल तक की सजा या दोनों हो सकते हैं। यदि किसी यात्री द्वारा रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है तो उसकी भरपाई भी करनी होगी।
पालतू जानवरों के साथ यात्रा के लिए भी नियम तय हैं। एसी फर्स्ट क्लास में यात्रा करने वाले यात्री निर्धारित शर्तों के साथ कुछ जानवरों को ले जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए पूर्व अनुमति और बुकिंग जरूरी होती है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए सफर से पहले प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची जरूर जांच लें, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। (PTI Photo)