IRCTC ने ब्लॉक किए 3.02 अकाउंट, आपकी आईडी भी आ सकती है चपेट में, ना करें ये गलती

भारतीय रेलवे ने फर्जी और संदिग्ध यूजर आईडी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि जनवरी 2025 से अब तक IRCTC ने 3.02 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी को डीएक्टिव किया है। यह कदम Tatkal टिकट बुकिंग में हो रही गड़बड़ियों और आम यात्रियों की परेशानी को देखते हुए उठाया गया है, वैसे आपका आईआरसीटीसी अकाउंट भी ब्लॉक हो सकता है। ऐसे में आपको कुछ गलतियां नहीं करनी चाहिए। आइए जानते हैं...

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated Dec 14 2025, 08:10 IST
​Tatkal टिकट में फर्जीवाड़ा बना बड़ी समस्या​01 / 07

​Tatkal टिकट में फर्जीवाड़ा बना बड़ी समस्या​

​मंत्री के मुताबिक, टिकट के दलाल ऑटोमेटेड बॉट्स और सॉफ्टवेयर प्रोग्राम की मदद से फर्जी अकाउंट बनाते हैं। इन अकाउंट्स से Tatkal टिकट बुक कर उन्हें ऊंचे दामों पर दोबारा बेचा जाता है। इसका सीधा नुकसान आम यात्रियों को होता है, जिन्हें जरूरत के समय Tatkal टिकट नहीं मिल पाता।​

​फर्जी यूजर आईडी रोकने के लिए रेलवे के बड़े कदम​02 / 07

​फर्जी यूजर आईडी रोकने के लिए रेलवे के बड़े कदम​

​एंटी-बॉट टेक्नोलॉजी की तैनाती- रेल मंत्रालय AKAMAI जैसी एंटी-बॉट सॉल्यूशन टेक्नोलॉजी लागू कर रहा है, जिससे फर्जी यूजर और बॉट्स को फिल्टर किया जा सके और असली यात्रियों को टिकट बुकिंग में आसानी मिले।​

​Tatkal टिकट के लिए OTP अनिवार्य​Image Credit : Canva03 / 07

​Tatkal टिकट के लिए OTP अनिवार्य​

Tatkal टिकट की गलत बुकिंग रोकने के लिए सरकार ने आधार-आधारित OTP वेरिफिकेशन की शुरुआत की है ऑनलाइन Tatkal बुकिंग के लिए यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की गई है। 4 दिसंबर 2015 तक 322 ट्रेनों में यह सिस्टम चालू हो चुका था। इन प्रयासों के चलते करीब 65% ट्रेनों में कन्फर्म Tatkal टिकट की उपलब्धता में सुधार देखा गया है।​

​रिजर्वेशन सिस्टम का नियमित ऑडिट​Image Credit : Canva04 / 07

​रिजर्वेशन सिस्टम का नियमित ऑडिट​

​मंत्री ने बताया कि CERT-In से पैनल में शामिल एजेंसियों द्वारा रेलवे के रिजर्वेशन सिस्टम का नियमित सुरक्षा ऑडिट किया जाता है। इसके साथ ही, टिकटिंग सिस्टम से जुड़े इंटरनेट ट्रैफिक की निगरानी CERT-In और NCIIPC द्वारा लगातार की जाती है, ताकि किसी भी साइबर हमले को समय रहते रोका जा सके।​

​इसके अलावा रिजर्वेशन काउंटर से Tatkal टिकट बुकिंग के लिए भी आधार-आधारित OTP सिस्टम लागू किया गया है। यह व्यवस्था 4 दिसंबर 2025 तक 211 ट्रेनों में लागू की जा चुकी है।​Image Credit : Canva05 / 07

​इसके अलावा रिजर्वेशन काउंटर से Tatkal टिकट बुकिंग के लिए भी आधार-आधारित OTP सिस्टम लागू किया गया है। यह व्यवस्था 4 दिसंबर 2025 तक 211 ट्रेनों में लागू की जा चुकी है।​

​संदिग्ध PNR पर साइबर क्राइम पोर्टल में शिकायत​Image Credit : Canva06 / 07

​संदिग्ध PNR पर साइबर क्राइम पोर्टल में शिकायत​

​रेल मंत्रालय ने बताया कि संदिग्ध तरीके से बुक किए गए PNRs को लेकर नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायतें दर्ज की गई हैं, ताकि ऐसे मामलों की जांच की जा सके।​

​आपकी एक गलती और फंस जाएंगे​Image Credit : Canva07 / 07

​आपकी एक गलती और फंस जाएंगे​

​अब दलाल भी काफी स्मार्ट हो चुके हैं। पहले ये खुद की या रैंडम आईडी से आपके लिए टिकट बुक करते थे लेकिन अब ये लोगों से ही उनकी आईडी मांगते हैं और ना देने पर कहते हैं कि टिकट बुक नहीं होगा। ऐसे में लोग मजबूरी में अपना अकाउंट इन दलालों को दे रहे हैं जिसके बाद इन अकाउंट्स का गलत इस्तेमाल हो रहा है। बेहतर होगा कि आप इन्हें अपने आईआरसीटीसी अकाउंट और पासवर्ड ना दें, नहीं तो आपका अकाउंट भी ब्लॉक हो सकता है।​

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