नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर अब 942 रुपये का हो गया है, जो पहले 913 रुपये था। मुंबई में इसकी कीमत 941.40 रुपये हो गई है, जबकि पहले यह 912.50 रुपये थी। कोलकाता में सिलेंडर की कीमत 939 रुपये से बढ़कर 968 रुपये हो गई है। वहीं चेन्नई में अब उपभोक्ताओं को 957.50 रुपये चुकाने होंगे, जबकि पहले कीमत 928.50 रुपये थी।
बिहार की राजधानी पटना में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 1,031.50 रुपये का हो गया है, जो पहले 1,002.50 रुपये था। हैदराबाद में इसकी कीमत 967 रुपये से बढ़कर 996 रुपये हो गई है।
लखनऊ में सिलेंडर अब 980 रुपये में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत 951 रुपये थी। जयपुर में यह 945.50 रुपये और बेंगलुरु में 944.50 रुपये का हो गया है।
इससे पहले 7 मार्च को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। यह बढ़ोतरी सरकारी तेल कंपनियों को हो रहे नुकसान की आंशिक भरपाई के लिए की गई थी।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत भारत में घरेलू गैस अभी भी कई पड़ोसी देशों और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा कनाडा जैसे विकसित देशों की तुलना में सस्ती उपलब्ध कराई जा रही है।
मंत्रालय के मुताबिक 14.2 किलोग्राम के एक एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति लागत बढ़कर लगभग 1,600 से 1,700 रुपये तक पहुंच गई है। इसके बावजूद तेल विपणन कंपनियां उपभोक्ताओं को कम कीमत पर गैस उपलब्ध करा रही हैं।
सरकार के अनुसार बीते वित्तीय वर्ष में घरेलू एलपीजी की बिक्री पर सरकारी तेल कंपनियों ने लगभग 60,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाया। इससे पहले यह नुकसान 41,338 करोड़ रुपये था। इस नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार ने 30,000 करोड़ रुपये के मुआवजे को मंजूरी दी है। साथ ही 10.35 करोड़ से अधिक उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को सीधे सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है।
एलपीजी के अलावा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी मई के मध्य से अब तक कुल 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। वहीं सीएनजी की कीमतों में भी लगभग 6 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया है।
सरकार ने अभी तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी ऊर्जा कीमतों का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला है और इसका एक हिस्सा सरकारी तेल कंपनियां वहन कर रही हैं। हालांकि वैश्विक कच्चे तेल और ईंधन बाजार में जारी अस्थिरता के कारण आने वाले समय में कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।