Uranus Retrograde 2026: ज्योतिष में अरुण ग्रह को यूरेनस के नाम से जाना जाता है। इसे अचानक होने वाले बदलाव, तकनीक, नई सोच, अप्रत्याशित घटनाओं और पुराने ढर्रे को तोड़ने वाला ग्रह माना जाता है। वर्तमान समय में अरुण मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं और अब 10 सितंबर 2026 की रात 11 बजकर 57 मिनट पर वक्री गति शुरू करेंगे। अरुण की वक्री चाल के दौरान इसके प्रभाव में अचानक बदलाव और अनिश्चितता बढ़ जाती है। अरुण इस राशि में करीब 8 फरवरी 2027 तक वक्री रहेंगे। मिथुन राशि बुध की राशि है और इसका संबंध संचार, सूचना, व्यापार, यात्रा, तकनीक और निर्णय लेने की क्षमता से जोड़ा जाता है। ऐसे में अरुण का मिथुन में वक्री होना खासतौर पर इन क्षेत्रों से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव ला सकता है। कुंडली में अरुण की स्थिति और लग्न के आधार पर असर अलग-अलग हो सकता है, लेकिन कुछ राशियों को इस दौरान ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी। आइए जानते हैं कि वे कौन सी राशियां हैं।
मेष राशि वालों के लिए अरुण का वक्री होना सोच-विचार, संचार और छोटी दूरी की यात्राओं से जुड़े मामलों में परेशानी बढ़ा सकता है। बातचीत के दौरान गलतफहमी होने या जल्दबाजी में कोई फैसला लेने की स्थिति बन सकती है। नौकरी और कारोबार में अचानक कोई बदलाव सामने आ सकता है, जिसे संभालने में शुरुआत में दिक्कत महसूस होगी। भाई-बहनों या करीबी लोगों के साथ किसी छोटी बात को लेकर तनाव भी बढ़ सकता है। इस अवधि में जरूरी दस्तावेज या मैसेज भेजने से पहले दोबारा जांच करना आपके लिए बेहतर रहेगा। अशुभ प्रभाव कम करने के लिए बुधवार को गणेश जी की पूजा करें और उन्हें दूर्वा अर्पित करें।
अरुण खुद मिथुन राशि में ही वक्री होने जा रहे हैं, ऐसे में इस राशि के लोगों पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत ज्यादा महसूस हो सकता है। अचानक योजनाएं बदलना, करियर को लेकर असमंजस, पुराने फैसलों पर दोबारा विचार करना और अपनी प्राथमिकताओं में बदलाव जैसी स्थितियां बन सकती हैं। कारोबार करने वालों को किसी नए निवेश या बड़े फैसले में जल्दबाजी से बचना चाहिए। निजी जीवन में भी मूड और विचार तेजी से बदलने के कारण रिश्तों में गलतफहमी पैदा हो सकती है। इस समय किसी बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय थोड़ा रुककर फैसला लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। बुधवार को भगवान गणेश को हरी दूर्वा चढ़ाएं और 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करें।
कन्या राशि के जातकों के लिए अरुण की वक्री चाल करियर और कामकाज के क्षेत्र में अनिश्चितता पैदा कर सकती है। ऑफिस में अचानक जिम्मेदारियां बदल सकती हैं या किसी पुराने काम को दोबारा संभालना पड़ सकता है। नौकरी बदलने का विचार चल रहा है तो फैसला लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करना जरूरी होगा। कारोबारियों को साझेदारी और बड़े कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी रखनी चाहिए। इस दौरान आपकी मेहनत के बावजूद काम का रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक न मिलने से निराशा हो सकती है। बचाव के लिए बुधवार को जरूरतमंद व्यक्ति को हरी मूंग का दान करें और गणेश जी की पूजा करें।
धनु राशि वालों के लिए अरुण की वक्री चाल रिश्तों और साझेदारी से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव ला सकती है। बिजनेस पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर मतभेद हो सकते हैं। निजी रिश्तों में भी अचानक ऐसी बात सामने आ सकती है, जिसे लेकर पहले से कोई तैयारी नहीं थी। किसी दूसरे व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा करना इस अवधि में नुकसानदायक हो सकता है। आर्थिक मामलों में भी साझेदारी के निवेश और लेनदेन को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतें। गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करें और पीली दाल का दान करें।
मकर राशि के जातकों के लिए अरुण का वक्री होना रोजमर्रा की दिनचर्या, नौकरी और खर्चों पर असर डाल सकता है। काम के बीच अचानक बदलाव या अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने से तनाव बढ़ सकता है। ऑफिस में तकनीकी समस्या या काम के तरीके में बदलाव के कारण परेशानी हो सकती है। अनावश्यक खर्च भी बढ़ने की आशंका रहेगी, खासकर ऐसी चीजों पर जिनकी तत्काल जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही से बचना चाहिए और अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखना बेहतर रहेगा। शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल का दान करें और शनिदेव के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
कुंभ राशि वालों के लिए अरुण की वक्री चाल शिक्षा, प्रेम संबंध, संतान और निवेश से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव ला सकती है। किसी योजना में अचानक बदलाव हो सकता है। शेयर बाजार या दूसरे जोखिम वाले निवेश में बिना पूरी जानकारी के पैसा लगाना नुकसान का कारण बन सकता है। प्रेम संबंधों में भी छोटी बात पर गलतफहमी बढ़ने की स्थिति बन सकती है। विद्यार्थियों का ध्यान भटक सकता है और उन्हें अपनी पढ़ाई पर अतिरिक्त फोकस करना होगा। शनिवार को जरूरतमंदों को काले तिल या कंबल का दान करें और भगवान शिव का जलाभिषेक करें।
अरुण को ज्योतिष में अचानक होने वाले परिवर्तन और अप्रत्याशित घटनाओं से जोड़कर देखा जाता है। जब यह ग्रह वक्री होता है तो इससे जुड़े मामलों में अंदरूनी बदलाव, पुरानी योजनाओं की समीक्षा और अचानक दिशा बदलने की स्थिति बन सकती है। चूंकि इस समय अरुण मिथुन राशि में हैं, इसलिए संचार, तकनीक, यात्रा, शिक्षा, व्यापार और सूचना से जुड़े विषय ज्यादा सक्रिय रह सकते हैं। जिन लोगों की कुंडली में मिथुन राशि, बुध या अरुण ग्रह से संबंधित संवेदनशील स्थिति बन रही हो, उनके लिए इस अवधि का प्रभाव ज्यादा व्यक्तिगत हो सकता है।
यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।