Ayushman Card: स्वास्थ्य हर इंसान की जिंदगी का सबसे जरूरी हिस्सा होता है, लेकिन अचानक बीमारी या हादसे की स्थिति में इलाज का खर्च बहुत ज्यादा हो सकता है। हर किसी के लिए महंगा हेल्थ इंश्योरेंस लेना संभव नहीं होता। ऐसे में सरकार की आयुष्मान भारत योजना जरूरतमंद लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आती है, जिसके तहत पात्र नागरिकों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है, लेकिन एक सवाल लोगों को परेशान करता है कि क्या आयुष्मान कार्ड को हर साल रिन्यू कराना पड़ता है या फिर इसके लिए दोबारा आवेदन करना जरूरी होता है। आइए जानते हैं...
इस योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को आयुष्मान कार्ड दिया जाता है। आज देशभर में करोड़ों लोग इस कार्ड के जरिए इलाज का लाभ ले रहे हैं। इसके बावजूद कई कार्डधारकों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या आयुष्मान कार्ड को हर साल रिन्यू कराना पड़ता है या फिर इसके लिए दोबारा आवेदन करना जरूरी होता है।
आयुष्मान कार्ड को लेकर सबसे बड़ा भ्रम रिन्यूअल को लेकर होता है। हकीकत यह है कि आयुष्मान कार्ड को हर साल अलग से रिन्यू कराने की जरूरत नहीं होती। एक बार कार्ड बन जाने के बाद यह स्वतः हर वित्तीय वर्ष में एक्टिव रहता है। साथ ही, हर साल इसमें 5 लाख रुपये तक की नई इलाज सीमा जुड़ जाती है।
आयुष्मान कार्ड तब तक वैध रहता है, जब तक लाभार्थी योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करता है। कार्ड बनाते समय परिवार की पात्रता की जांच की जाती है। अगर बाद में कोई व्यक्ति इन शर्तों पर खरा नहीं उतरता, तो उसे योजना का लाभ मिलना बंद हो सकता है। पात्र लोगों को हर साल बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के इलाज की सुविधा मिलती रहती है।
जिन लोगों ने अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बनवाया है, उनके लिए यह प्रक्रिया काफी आसान है। पहला तरीका है नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाना, जहां जरूरी दस्तावेजों और वेरिफिकेशन के बाद कार्ड बन जाता है।
आयुष्मान कार्ड के जरिए एक परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकता है। यह सुविधा देशभर में सूचीबद्ध हजारों सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध है।