तत्काल टिकट बुकिंग के समय बड़ी संख्या में लोग एक साथ टिकट बुक करने की कोशिश करते हैं। इस दौरान कई बार वेबसाइट पर अधिक लोड होने से प्रक्रिया धीमी हो जाती है। वहीं यात्रियों की जानकारी भरने में लगने वाला समय भी टिकट मिलने की संभावना को प्रभावित करता है। कुछ सेकंड की देरी भी सीट छूटने का कारण बन सकती है।
IRCTC अपने यूजर्स को "मास्टर लिस्ट" नाम की सुविधा प्रदान करता है। यह एक डिजिटल रिकॉर्ड होता है, जिसमें यात्री और उसके परिवार के सदस्यों या सहयात्रियों की जरूरी जानकारी पहले से सेव की जा सकती है। इसमें नाम, उम्र, लिंग, पता और पहचान पत्र से जुड़ी जानकारी शामिल रहती है। एक IRCTC अकाउंट में अधिकतम 12 यात्रियों की जानकारी मास्टर लिस्ट में जोड़ी जा सकती है। यह सुविधा विशेष रूप से तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान काफी उपयोगी साबित होती है।
मास्टर लिस्ट तैयार करने के लिए सबसे पहले IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल एप पर लॉगिन करना होगा। इसके बाद "My Profile" या "Master List" सेक्शन में जाकर "Add Passenger" विकल्प चुनना होगा। यहां यात्री का नाम, उम्र, लिंग, पता, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र संबंधी जानकारी भरनी होती है। यात्री को जोड़ते समय आधार लिंक करने का विकल्प भी चुनना जरूरी होता है। सभी विवरण भरने के बाद जानकारी को सेव किया जा सकता है। इसी प्रक्रिया के जरिए एक-एक करके 12 यात्रियों तक की सूची बनाई जा सकती है।
मास्टर लिस्ट को पहले से तैयार और अपडेट रखा जाए। तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होने के समय यदि जानकारी जोड़ने या अपडेट करने की जरूरत पड़े, तो कीमती समय बर्बाद हो सकता है। इसलिए यात्रा की योजना बनाते समय ही सभी आवश्यक विवरण सेव कर लेना बेहतर रहता है।
मास्टर लिस्ट का सबसे बड़ा लाभ यह है कि टिकट बुकिंग के दौरान बार-बार यात्रियों की जानकारी भरने की जरूरत नहीं पड़ती। यूजर केवल पहले से सेव किए गए नामों का चयन कर सकता है, जिससे बुकिंग प्रक्रिया काफी तेज हो जाती है।
इससे तत्काल और प्रीमियम तत्काल टिकट बुक करते समय समय की बचत होती है और सीट मिलने की संभावना बढ़ जाती है। परिवार या समूह के लिए टिकट बुक करना भी आसान हो जाता है। साथ ही पहले से वेरिफाइड पहचान संबंधी जानकारी होने के कारण प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बन जाती है।
तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान पेमेंट को लेकर भी बड़ी दिक्कत है लेकिन यदि आप IRCTC वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं तो पेमेंट फास्ट होगा और ओटीपी या क्यूआर कोड स्कैन करने का झंझट भी खत्म हो जाएगा। ऐसे में फास्ट पेमेंट के बाद टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाती है।