ग्लास्गो: भारतीय भारोत्तोलक राजा मुथुपांडी ने रविवार को राष्ट्रमंडल खेलों के पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता। इसके साथ ही भारोत्तोलन की तीनों स्पर्धाओं में भारत ने कम से कम एक पदक अपने नाम कर लिया। मुथुपांडी ने स्नैच में 126 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 160 किग्रा वजन उठाया, जिससे उनका कुल भार 286 किग्रा रहा। मलेशिया के मुहम्मद अजनिल बिन बिदिन ने राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड के साथ कुल 299 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि पापुआ न्यू गिनी के मोरिया बारू ने 282 किग्रा के कुल भार के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
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भारत ने भारोत्तोलन में जीते तीन पदक
भारत के लिए भारोत्तोलन में आज तीसरा पदक रहा। दिन की शुरुआत भारोत्तोलक ऋषिकांत सिंह पुरुषों की 60 किग्रा भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीतकर की थी वहीं दिन का अंत राजा मुथुपांडी ने 65 किग्रा भारवर्ग में रजत पदक हासिल करके किया। इसके साथ ही राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय पदकों की संख्या एक गोल्ड, दो सिल्वर और एक कांस्य पदक सहित चार हो गई है।
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माता-पिता को समर्पित किया पदक
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत पदक जीतने पर राजा मुथुपंडी ने कहा,'मेरे कोच ने मुझपर विश्वास जताया था कि हम गोल्ड मेडल जीतेंगे। लेकिन मेरी तरफ से कमी रही...मैं इस मेडल को मेरे माता-पिता और कोच को समर्पित करता हूं।'
