इस कार्ड से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं में दूसरी बीमारियों से लेकर गंभीर ऑपरेशन और क्रिटिकल केयर की सुविधा भी उपलब्ध है। कार्ड धारक बुजुर्ग किसी भी बीमारी का इलाज करा सकते हैं, चाहे वह उम्र बढ़ने के कारण हो या अन्य कारणों से।
बुजुर्गों के साथ परिवार के अन्य सदस्य भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसे फैमिली फ्लोटर पॉलिसी भी कहा जाता है, जिससे एक ही कार्ड से परिवार के कई सदस्य कवर हो सकते हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकार ने देशभर के सरकारी अस्पतालों में बुजुर्गों के इलाज की सुविधा दी है। इसके अलावा, कई प्राइवेट अस्पताल भी योजना के अंतर्गत आ चुके हैं।
आयुष्मान कार्ड धारकों को स्वास्थ्य देखभाल में किसी भी प्रकार की अतिरिक्त खर्च की चिंता नहीं करनी होती है। बुजुर्गों को लंबे समय से चल रहे इलाज, जैसे कि हृदय रोग, कैंसर, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज करने में कोई समस्या नहीं होगी। बुजुर्गों को आयुष्मान कार्ड के माध्यम से कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की भुगतान की समस्या नहीं होती, क्योंकि अस्पताल में इलाज पूरी तरह से मुफ्त होता है।
सबसे पहले beneficiary.nha.gov.in वेबसाइट पर जाएं। दाईं ओर दिए गए Login विकल्प में Beneficiary चुनें और मोबाइल नंबर डालकर लॉगिन करें। मोबाइल पर आए OTP और कैप्चा भरकर आगे बढ़ें। लॉगिन करने के बाद आपको Click here for Enrollment of 70 years or more का विकल्प दिखेगा। अब Scheme में PMJY चुनें, राज्य और जिला सेलेक्ट करें। सर्च ऑप्शन में आधार नंबर डालें और एंटर करें। आपके सामने एक लिस्ट खुलेगी। उसमें से अपना नाम चुनकर वेरिफिकेशन पूरा करें।
इसके बाद मोबाइल से या लैपटॉप से अपनी फोटो अपलोड करें और जरूरी डिटेल जैसे OTP, पिन कोड आदि भरें। सबमिट करने के बाद 24 घंटे बाद फिर लॉगिन कर चेक करें। यदि कार्ड बन चुका है तो डाउनलोड करने का विकल्प दिख जाएगा। यही प्रक्रिया आप Ayushman App के जरिए भी पूरी कर सकते हैं। लॉगिन करने के बाद सारी जानकारी भरकर आसानी से कार्ड बनवाया जा सकता है।