पिछले साल Meta ने WhatsApp के Status और Channels सेक्शन में विज्ञापनों की टेस्टिंग शुरू की थी, जिसे लेकर यूजर्स की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई। लंबे समय से बिना ज्यादा ऐड्स के इस्तेमाल होने वाला यह ऐप अचानक बदलता नजर आया। आलोचनाओं के बावजूद Meta ने इस दिशा से पीछे हटने के संकेत नहीं दिए हैं। अब कंपनी एक जाना-पहचाना रास्ता तलाशती दिख रही है और वह है पैसे देकर विज्ञापनों से छुटकारा।
WhatsApp के वर्जन 2.26.3.9 के कोड में कुछ नए स्ट्रिंग्स मिले हैं, जो ऐसे सब्सक्रिप्शन की ओर इशारा करते हैं, जिनका मकसद Status और Channels से विज्ञापनों को हटाना है। भले ही Meta ने अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की हो, लेकिन कोड में मौजूद शब्दावली से साफ है कि कंपनी ऐड-फ्री पेड प्लान पर प्रयोग कर रही है।
फिलहाल इस संभावित सब्सक्रिप्शन को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। यह साफ नहीं है कि इसकी कीमत क्या होगी, इसमें विज्ञापन हटाने के अलावा और कौन-सी सुविधाएं मिलेंगी, या इसे कब और किस रूप में लॉन्च किया जाएगा। इतना जरूर स्पष्ट है कि यह प्लान पूरे WhatsApp को प्रीमियम बनाने के बजाय सिर्फ Status और Channels में दिखने वाले ऐड्स पर फोकस कर सकता है।
एक बड़ा सवाल इसकी उपलब्धता को लेकर भी है। Meta पहले Facebook और Instagram पर ऐड-फ्री सब्सक्रिप्शन कुछ चुनिंदा क्षेत्रों, खासकर यूरोप में, नियामकीय दबाव के चलते ही लेकर आया था। मौजूदा कोड में क्षेत्रीय सीमाओं का जिक्र नहीं है, लेकिन यह संभव है कि WhatsApp का यह विकल्प भी चरणबद्ध तरीके से कुछ देशों में पहले शुरू किया जाए।
फिलहाल यह कदम किसी तैयार प्रोडक्ट से ज्यादा एक तैयारी जैसा लगता है। लेकिन अगर WhatsApp में विज्ञापनों का दायरा आगे और बढ़ता है, तो यूजर्स को पेड ऑप्ट-आउट देने का यही तरीका Meta के लिए विरोध को कम करने का रास्ता बन सकता है, खासकर उस ऐप के लिए, जिसने अपनी पहचान सादगी और कम दखल के साथ बनाई थी।
अब यहां एक बड़ा सवाल सामने आता है कि यदि व्हाट्सएप पर विज्ञापन हटाने के लिए पैसे देने पड़ते हैं तो क्या आप व्हाट्सएप इस्तेमाल करते रहेंगे या फिर किसी दूसरे एप पर स्विच करेंगे।