वर्तमान में भारतीय टेलीकॉम मार्केट पर जियो का राज है। ट्राई के लेटेस्ट डेटा के अनुसार, रिलायंस जियो के मोबाइल ग्राहकों की संख्या मई में 47.46 करोड़ है। वहीं एयरटेल इस मामले में दूसरे नंबर पर है।
एलन मस्क ने हाल ही में एक्स पर जानकारी देते हुए बताया था कि स्टारलिंक अब 100 देशों में उपलब्ध है। अफ्रीका का सिएरा लियोन इस सूची में शामिल होने वाला 100वां देश बना। यह स्टारलिंक से जुड़ने वाला 10वां अफ्रीकी देश है। स्टारलिंक को जल्द भारत में भी लॉन्च किया जा सकता है।
सिर्फ इतना ही नहीं, यह भी कहा जा रहा है कि इस ग्रुप में सरकारी स्वामित्व वाली बीएसएनएल भी शामिल हो सकती है, जो पहले से ही अपने 4G लॉन्च की तैयारी में लगी है।
यदि सैटेलाइट इंटरनेट के लिए एलन मस्क, बीएसएनएल और टाटा से हाथ मिलाते हैं कि भारत में इंटरनेट के क्षेत्र में कमाल हो सकता है और इसका सबसे बड़ा नुकसान एयरटेल और जियो को होने वाला है। दावा किया जा रहा है कि यदि बीएसएनएल, स्टारलिंक और टाटा की यह कथित 'त्रिमूर्ति' वास्तविकता में आ गई तो देश के इंटरनेट और टेलीकॉम व्यवसाय में बड़ा बदलाव आ सकता है। यह पार्टनरशिप टेलीकॉम मोनोपॉली को भी खत्म कर सकता है।
दावा है कि भारत में स्टारलिंक का सैटेलाइट इंटरनेट 300 एमबीपीएस तक की इंटरनेट स्पीड दे सकता है। जो मोबाइल इंटरनेट के लिए 94.62 एमबीपीएस डाउनलोड और 9.02 एमबीपीएस अपलोड स्पीड और भारत में ब्रॉडबैंड के लिए औसतन 58.62 एमबीपीएस डाउनलोड और 50.42 एमबीपीएस अपलोड स्पीड से कहीं फास्ट हो सकता है।