बैटरी कम होते ही लोग मजबूरी में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, होटल, मॉल या पब्लिक टॉयलेट में लगे यूएसबी पोर्ट से फोन चार्ज करने लगते हैं, लेकिन यहीं सबसे बड़ी गलती कर बैठते हैं और एक झटके में हैकर्स उनके बैंक अकाउंट तक पहुंच जाते हैं। इससे बचने के लिए यूएसबी कंडोम बड़े काम का है।
सार्वजनिक जगहों पर मौजूद यूएसबी पोर्ट दिखने में भले ही सुविधाजनक लगें, लेकिन ये आपके लिए बड़ा खतरा भी बन सकते हैं। ऐसे पोर्ट का इस्तेमाल साइबर अपराधी मोबाइल में मौजूद डाटा चुराने के लिए कर सकते हैं। इस तरह की साइबर ठगी को ही “जूस जैकिंग” कहा जाता है, जिसमें चार्जिंग के बहाने आपके फोन में मालवेयर डाला जा सकता है।
जूस जैकिंग के खतरे से बचने के लिए बाजार में यूएसबी डाटा ब्लॉकर उपलब्ध हैं, जिन्हें आम भाषा में “यूएसबी कंडोम” कहा जाता है। ये छोटे से यूएसबी एडॉप्टर की तरह होते हैं, जिनमें इनपुट और आउटपुट पोर्ट होते हैं। इनका काम मोबाइल को सिर्फ पावर सप्लाई देना होता है, जबकि डाटा ट्रांसफर को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया जाता है।
यूएसबी कंडोम की खासियत यह है कि ये चार्जिंग तो होने देते हैं, लेकिन किसी भी तरह का डाटा एक्सचेंज नहीं होने देते। इस वजह से हैकर आपके फोन तक पहुंच नहीं बना पाते। आकार में छोटे होने के कारण इन्हें जेब या बैग में आसानी से रखा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर कहीं भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
कीमत की बात करें तो अमेरिकी बाजार में यूएसबी कंडोम करीब 10 डॉलर यानी लगभग 700 रुपये में मिलते हैं। वहीं भारत में इन्हें 500 से 1,000 रुपये के बीच ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीदा जा सकता है।
जूस जैकिंग सिर्फ डाटा चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आपका बैंक खाता खाली हो सकता है, निजी संदेश, ईमेल, पासवर्ड लीक हो सकते हैं और यहां तक कि फोन या लैपटॉप हमेशा के लिए लॉक भी हो सकता है। इसे देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी समय-समय पर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे चुका है।
सार्वजनिक यूएसबी पोर्ट से चार्जिंग करते समय सतर्क रहना बेहद जरूरी है। अगर मजबूरी में चार्ज करना पड़े, तो यूएसबी कंडोम जैसे डिवाइस का इस्तेमाल करना आपकी डिजिटल सुरक्षा के लिए एक समझदारी भरा कदम साबित हो सकता है।