मई 2026 में प्रकाशित इस रिसर्च के मुताबिक अगले दशक में करीब 25 प्रतिशत नौकरियां ऑटोमेशन की चपेट में आ सकती हैं। AI पहले से ही कोडिंग, डेटा एनालिसिस और कंटेंट तैयार करने जैसे कई तकनीकी काम तेजी से कर रहा है। हालांकि स्टडी में कहा गया है कि मशीनें अब भी उन क्षमताओं में कमजोर हैं जो इंसानी भावनाओं, भरोसे, नेतृत्व और निर्णय लेने की समझ पर आधारित होती हैं।
रिसर्च के दौरान 60 प्रोफेशनल स्किल्स का अध्ययन किया गया। इनमें यह देखा गया कि कौन-सी स्किल्स कंपनियों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी हैं, कौन-सी स्किल्स नौकरी के विज्ञापनों में सबसे ज्यादा मांगी जाती हैं और किन क्षमताओं को AI आसानी से नहीं सीख सकता।
स्टडी में लीडरशिप को भविष्य की सबसे सुरक्षित स्किल माना गया है। रिपोर्ट के अनुसार टीम को प्रेरित करना, मुश्किल परिस्थितियों में फैसले लेना और लोगों के बीच भरोसा कायम करना ऐसे काम हैं जिन्हें AI आसानी से नहीं कर सकता। रिसर्च में लीडरशिप को 100 में से 95 का महत्व स्कोर मिला।
विशेषज्ञों का कहना है कि CEO, स्कूल प्रिंसिपल, सेना के अधिकारी और बड़े मैनेजर जैसे पदों पर इंसानी समझ और भावनात्मक संतुलन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। यही कारण है कि AI इन भूमिकाओं को पूरी तरह से नहीं संभाल पाएगा।
रिपोर्ट में टीमवर्क और सहयोग को दूसरी सबसे महत्वपूर्ण स्किल बताया गया है। रिसर्च के मुताबिक दुनियाभर में लाखों नौकरी विज्ञापनों में टीमवर्क को प्रमुख योग्यता के रूप में शामिल किया गया है। लोगों के साथ तालमेल बैठाना, अलग-अलग स्वभाव को समझना और भरोसा कायम करना अभी भी इंसानों की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।
वहीं नेगोशिएशन यानी बातचीत और समझौते की कला को तीसरी सबसे सुरक्षित स्किल बताया गया। बॉडी लैंग्वेज को समझना, सामने वाले की भावनाओं को पहचानना और सही समय पर सही प्रतिक्रिया देना ऐसी खूबियां हैं जिन्हें AI अभी पूरी तरह नहीं सीख पाया है।
रिपोर्ट में कोचिंग और मेंटरिंग, पब्लिक स्पीकिंग, इमोशनल इंटेलिजेंस, पीपल मैनेजमेंट और चेंज मैनेजमेंट जैसी स्किल्स को भी भविष्य के लिए बेहद अहम बताया गया है
स्टडी के अनुसार आने वाले समय में केवल तकनीकी ज्ञान ही काफी नहीं होगा, बल्कि जिन लोगों में कम्युनिकेशन, नेतृत्व और भावनात्मक समझ जैसी क्षमताएं होंगी, वे AI के दौर में भी सबसे ज्यादा सफल साबित हो सकते हैं।