आज से WhatsApp, Telegram चलाना हुआ मुश्किल, हर 6 घंटे में होगा लॉगआउट, नया नियम लागू

भारत सरकार ने साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat, ShareChat, JioChat, Arattai और Josh जैसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि वे अपनी सेवाओं को यूजर के रजिस्टर्ड SIM कार्ड से अनिवार्य रूप से जोड़ें। यह नया नियम 1 मार्च 2026 से लागू होने जा रहा है।

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated Mar 1 2026, 12:58 IST
90 दिन का समय दिया गया, अब खत्म हो रही डेडलाइन01 / 10

90 दिन का समय दिया गया, अब खत्म हो रही डेडलाइन

दूरसंचार विभाग ने इन सभी कंपनियों को 28 नवंबर को आधिकारिक निर्देश जारी किए थे और नियमों का पालन करने के लिए 90 दिनों का समय दिया गया था। यह समयसीमा 28 फरवरी 2026 को समाप्त हो रही है। कंपनियों को 120 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट भी जमा करनी होगी। इसके बाद 1 मार्च से यह नियम पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा।

अब SIM के बिना काम नहीं करेंगे मैसेजिंग ऐप्सImage Credit : WhatsApp, Telegram02 / 10

अब SIM के बिना काम नहीं करेंगे मैसेजिंग ऐप्स

नए नियम के अनुसार, किसी भी मैसेजिंग ऐप को चलाने के लिए उस मोबाइल में वही SIM कार्ड सक्रिय होना जरूरी होगा, जिससे अकाउंट रजिस्टर किया गया है।

SIM निकालने पर बढ़ेगी समस्याImage Credit : WhatsApp, Telegram03 / 10

SIM निकालने पर बढ़ेगी समस्या

​यदि यूजर SIM निकाल देता है, बदल देता है या SIM निष्क्रिय हो जाती है, तो WhatsApp, Telegram और अन्य ऐप्स उस डिवाइस पर काम करना बंद कर देंगे। दोबारा सेवाएं शुरू करने के लिए उसी SIM को फिर से लगाकर सत्यापन करना होगा।

WhatsApp Web और Telegram Web भी होंगे प्रभावितImage Credit : WhatsApp, Telegram04 / 10

WhatsApp Web और Telegram Web भी होंगे प्रभावित

नए नियम का असर वेब और डेस्कटॉप वर्जन पर भी पड़ेगा। WhatsApp Web और Telegram Web जैसे प्लेटफॉर्म्स हर 6 घंटे में अपने आप लॉगआउट हो जाएंगे। इसके बाद यूजर्स को दोबारा लॉगिन करने के लिए मोबाइल से QR कोड स्कैन करना होगा और मोबाइल में सक्रिय SIM होना जरूरी होगा।

साइबर फ्रॉड रोकना सरकार का मुख्य उद्देश्यImage Credit : WhatsApp, Telegram05 / 10

साइबर फ्रॉड रोकना सरकार का मुख्य उद्देश्य

सरकार का कहना है कि इस नियम का मुख्य उद्देश्य साइबर धोखाधड़ी, SIM swap फ्रॉड और फर्जी पहचान से होने वाले अपराधों को रोकना है। SIM को अकाउंट से जोड़ने से यूजर की पहचान को बेहतर तरीके से सत्यापित किया जा सकेगा और साइबर अपराधियों पर नजर रखना आसान होगा।

यूजर्स को हो सकती है थोड़ी असुविधाImage Credit : WhatsApp, Telegram06 / 10

यूजर्स को हो सकती है थोड़ी असुविधा

मैसेजिंग ऐप कंपनियों और इंडस्ट्री संगठनों ने इस नियम को लेकर कुछ चिंताएं भी जताई हैं। उनका कहना है कि कई यूजर्स एक से अधिक डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं या अक्सर यात्रा करते रहते हैं, जिससे उन्हें असुविधा हो सकती है। हालांकि सरकार का मानना है कि यूजर्स की सुरक्षा और साइबर सुरक्षा को मजबूत करना सबसे ज्यादा जरूरी है।

डिजिटल सुरक्षा के लिए बड़ा बदलावImage Credit : WhatsApp, Telegram07 / 10

डिजिटल सुरक्षा के लिए बड़ा बदलाव

यह नया नियम भारत में डिजिटल कम्युनिकेशन को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। SIM आधारित सत्यापन से फर्जी अकाउंट और साइबर अपराधों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। 1 मार्च 2026 से लागू होने वाला यह बदलाव करोड़ों मैसेजिंग ऐप यूजर्स को प्रभावित करेगा।

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