ग्लासगो में आयोजित 23वें राष्ट्रमंडल खेलों का समापन चार साल बाद भारत के अहमदाबाद में 2030 में मिलने के वादे के साथ हो गया। आधिकारिक तौर पर क्लोजिंग सेरेमनी में भारत को साल 2030 की मेजबानी के लिए राष्ट्रमंडल खेलों का झंडा सौंपा गया। समापन समारोह में भारतीय दल का नेतृत्व गोल्ड मेडलिस्ट बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया ने किया।
फ्लैग हैंडओवर सेरेमनी के दौरान भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा और गुजरात के मुख्यमंत्री हर्ष संघवी मंच पर मौजूद थे। कॉमनवेल्थ गेम्स फेडेरेशन के अध्यक्ष डॉ डोनाल्ड रुकारे ने नीरज चोपड़ा के हाथों में झंडा सौंपा। इसके बाद वंदे मातरम के उद्घोष के साथ भारतीय संस्कृति की झलक मंच पर देखने को मिली।
भारत दूसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा। साल 2010 में राजधानी नई दिल्ली ने 19वें राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की थी। 20 साल बाद गुजरात का अहमदाबाद इन खेलों की मेजबानी करने वाला भारत का दूसरा शहर बन जाएगा। 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स अपने 100 साल पूरे करेगा। पहला एडिशन 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुआ था। ऑस्ट्रेलिया ने सबसे ज्यादा 5 बार गेम्स की मेजबानी की है। कनाडा और स्कॉटलैंड में 4 बार टूर्नामेंट खेला गया।
क्लोजिंग सेरेमनी में संगीतकार-गायक शंकर महादेवन, मानुषी छिल्लर, सितार वादक ऋषभ रिखीराम और भूमि त्रिवेदी जैस भारतीय कलाकारों ने इंडियन ट्रेडिशन में परफॉर्म किया और भारत को मेजबानी मिलने पर कॉमनवेल्थ का स्वागत किया।
ऋषभ रिखीराम सितार और रॉस एंसली ने बैगपाइपर पर जुगलबंदी पेश की। रिखीराम ने शिव तांडव स्त्रोत गाया। 2017 की मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर ने वंदे मातरम पर डांस किया। शंकर महादेवन ने ऐ वतन और भाग मिल्खा मिल्खा गाया। उन्होंने अपने बेटों सिद्धार्थ, शिवम और भूमि त्रिवेदी के साथ परचम लहरा दो...गाने पर परफॉर्मेंस दी।
ऑस्ट्रेलियन सिंगर डेल्टा गूडरेम की परफॉर्मेंस से सेरेमनी की शुरुआत हुई। सेरेमनी की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियन सिंगर डेल्टा गूडरेम, मशहूर बैंड एलीफेंट सेशंस और शेरीन कटकेल्विन की प्रस्तुति में स्कॉटलैंड के कल्चर की झलक दिखी। गूडरेम की परफॉर्मेंस के दौरान 74 देशों के एथलीट्स अपने-अपने देश का झंड़ा लेकर आए। ऑस्ट्रेलियन सिंगर डेल्टा गूडरेम के साथ कैमी बार्न्स ने भी गाना गया।
साल 2030 में कॉमनवेल्थ के 100 साल पूरे होंगे। भारत अपनी मेजबानी में इसे भव्य बनाने की पूरी कोशिश करेगा। ऐतिहासिक कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय एथलीट घर पर शानदार प्रदर्शन करना चाहेंगे। वहीं, इस बार भारत ने कुल 39 मेडल जीते, जिसमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज शामिल रहे और भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। 171 पदकों के साथ ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर, 110 पदकों के साथ इंग्लैंड दूसरे और 62 पदकों के साथ कनाडा तीसरे नंबर पर रहा।