आज तक हमें यही पता था कि मुंह में दांत चबाने के लिए होते हैं। जिस जीव-जंतु के भी मुंह में दांत हैं, वे उनसे अपने खाने को चबाकर खाते हैं, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे जीव के बारे में बताएंगे, जिनके दांत होने के बावजूद भी वे अपने शिकार या फिर खाने को चबाकर नहीं बल्कि निगलकर खाते हैं।
सबसे पहले आपको बता दें कि हम जिस जीव की बात कर रहे हैं, वह समुद्र में रहते हैं। जी हां! हम बात कर रहे हैं समुद्र में पाए जाने वाले डॉल्फिन्स की। समुद्र में रहने वाले डॉल्फिन दुनिया के सबसे बुद्धिमान और दोस्ताना जीवों में गिने जाते हैं। उनकी तेज रफ्तार, शानदार छलांग और इंसानों के साथ घुलने-मिलने का अंदाज हर किसी को पसंद आता है।
बता दें कि डॉल्फिन्स के मुंह में करीब 100 से 200 तक दांत होते हैं, फिर भी वे अपने शिकार को कभी चबाकर नहीं खाते? यह बात सुनकर शायद आपको भी हैरानी होगी। लेकिन यह सच है, डॉल्फिन अपने दांतों का इस्तेमाल खाना चबाने के लिए नहीं, बल्कि शिकार को मजबूती से पकड़ने के लिए करती हैं। जब कोई मछली या छोटा समुद्री जीव उनके पास आता है, तो वे अपने नुकीले दांतों से उसे तेजी से पकड़ लेती हैं। इसके बाद बिना चबाए उसे सीधे निगल जाती हैं।
इसकी सबसे बड़ी वजह उनके दांतों की बनावट है। इंसानों की तरह डॉल्फिन के दांत चौड़े और चपटे नहीं होते, बल्कि लंबे, पतले और नुकीले होते हैं। ऐसे दांत शिकार को काटने या पीसने के लिए नहीं, बल्कि फिसलने से रोकने के लिए ज्यादा उपयोगी होते हैं। डॉल्फिन का गला भी इस तरह बना होता है कि वे छोटे और मध्यम आकार के शिकार को आसानी से पूरा निगल सकती हैं। यही कारण है कि अपने खाने को चबाने की जरूरत ही नहीं पड़ती।
डॉल्फिन के खाने की रफ्तार भी काफी तेज होती है। समुद्र में कई बार उन्हें दूसरे बड़े शिकारी जीवों से पहले अपना भोजन पकड़ना होता है। अगर वे हर बार शिकार को चबाने लगें, तो उनका काफी समय लग जाएगा इसलिए वे शिकार को पकड़ते ही तुरंत निगल लेती हैं। इससे उनकी ऊर्जा भी बचती है और भोजन छिनने का खतरा भी कम हो जाता है।
उनका पसंदीदा भोजन छोटी मछलियां, स्क्विड और झींगे जैसे समुद्री जीव होते हैं। डॉल्फिन अक्सर झुंड में शिकार करती हैं। कई डॉल्फिन मिलकर मछलियों को एक जगह इकट्ठा करती हैं और फिर बारी-बारी से उन्हें पकड़कर निगल जाती हैं। यह तरीका उनकी बुद्धिमानी का भी शानदार उदाहरण माना जाता है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि डॉल्फिन लाखों साल के विकास के दौरान अपने समुद्री जीवन के हिसाब से ढली हैं। उनके दांत, जबड़े और पाचन तंत्र इसी तरह विकसित हुए हैं, ताकि वे तेजी से शिकार पकड़ सकें और बिना समय गंवाए उसे निगल सकें। उनके 100-200 दांत खाना चबाने के लिए नहीं, बल्कि शिकार को मजबूती से पकड़ने के लिए बने हैं। यही वजह है कि यह समुद्री जीव अपनी तेज रफ्तार, शानदार शिकार करने की कला और अनोखी आदतों के कारण दुनिया भर के लोगों को हमेशा हैरान करता रहता है।