सबसे पहले जानते हैं कि एथिकल हैकिंग में किसी सिस्टम, नेटवर्क या वेबसाइट की सुरक्षा को परखने के लिए कानूनी और अनुमति के साथ हैकिंग की जाती है। एथिकल हैकर को व्हाइट हैट हैकर भी कहा जाता है, जो कमजोरियों को ढूंढकर उन्हें ठीक करने में मदद करता है, न कि नुकसान पहुंचाने में।
भारत के सबसे बड़े एथिकल हैकर्स में से एक राजस्थान के आनंद प्रकाश ने Uber में एक ऐसी खामी को उजागर किया था जिसका फायदा उठाकर कोई जिंदगीभर फ्री में सफर कर सकता था। आनंद प्रकाश उन चुनिंदा भारतीय एथिकल हैकर्स में शामिल हैं, जिनकी काबिलियत को Facebook, Flipkart और Uber जैसी दिग्गज टेक कंपनियां भी मानती हैं। मूल रूप से राजस्थान के भादरा से ताल्लुक रखने वाले आनंद को आज बेंगलुरु का मशहूर एथिकल हैकर कहा जाता है।
आनंद वेब एप्लिकेशन सिक्योरिटी से जुड़ा एक ब्लॉग भी चलाते हैं और बेहद कम उम्र में उन्होंने साइबर सिक्योरिटी की दुनिया में बड़ा नाम बना लिया है। महज 24 साल की उम्र में आनंद Flipkart में सिक्योरिटी इंजीनियर के तौर पर भी काम कर चुके हैं।
कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद आनंद ने गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच में इंटर्नशिप की थी। इसके बाद उन्होंने फेसबुक की सुरक्षा में 90 से ज्यादा गंभीर बग खोज निकाले। इसी वजह से फेसबुक ने उन्हें अपनी Bug Bounty List में चौथा स्थान दिया। फेसबुक की ओर से आनंद को अब तक 10 लाख रुपये से ज्यादा का इनाम मिल चुका है।
आनंद प्रकाश ने सिर्फ फेसबुक ही नहीं, बल्कि Twitter अब एक्स और Google में भी सुरक्षा खामियां उजागर की हैं, जिसके बदले उन्हें करीब 1.2 करोड़ रुपये का इनाम मिला। साल 2015 में Zomato के करीब 6.25 करोड़ यूजर्स के डेटा से जुड़ी कमजोरी सामने लाने के बाद भी वे काफी सुर्खियों में रहे थे।
अब तक आनंद Dropbox, eBay, PayPal, SoundCloud, PikaPay, Google, Linkedin और Red Hat जैसी कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में सिक्योरिटी बग खोज चुके हैं। उनकी कहानी युवाओं के लिए इस बात की मिसाल है कि सही कौशल और मेहनत से भारत से बैठकर भी दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में पहचान बनाई जा सकती है।
आप चाहें तो आप भी आनंद प्रकाश की तरह एथिकल हैकर बन सकते हैं। यह कोर्स खास तौर पर आईटी बैकग्राउंड वालों के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन आजकल किसी भी स्ट्रीम के स्टूडेंट्स इसे कर सकते हैं। कंप्यूटर की बेसिक समझ और इंटरनेट का ज्ञान होना जरूरी होता है। कई संस्थान सर्टिफिकेशन कोर्स भी ऑफर करते हैं, जिससे जॉब पाने में मदद मिलती है।
भारत में एक फ्रेश एथिकल हैकर की सैलरी आमतौर पर 3 से 6 लाख रुपये सालाना के बीच होती है। अनुभव बढ़ने के साथ यह पैकेज 8 से 12 लाख रुपये प्रति वर्ष या उससे भी ज्यादा हो सकता है। बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों और विदेशी प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले एक्सपर्ट्स को इससे कहीं ज्यादा सैलरी मिलती है। बाकी आप बग बाउंटी प्रोग्राम में हिस्सा लेकर भी मोटी कमाई कर सकते हैं।