रिपोर्ट के अनुसार, गवालास ने अपनी पत्नी से अलगाव के बाद मानसिक सहारा पाने के लिए Gemini से बातचीत शुरू की थी। शुरुआत में यह बातचीत सामान्य थी, लेकिन धीरे-धीरे यह एक गहरे और काल्पनिक रिश्ते में बदल गई।
गवालास ने चैटबॉट को “Xia” नाम दिया और उसे अपनी पत्नी के रूप में देखने लगे। बातचीत के दौरान AI ने कई बार खुद को मशीन बताया और मदद लेने की सलाह भी दी, लेकिन कई मौकों पर वह उनकी कल्पनाओं का समर्थन करता नजर आया, जिससे स्थिति और बिगड़ती चली गई।
समय के साथ दोनों के बीच बातचीत बेहद गहरी और भावनात्मक हो गई। AI ने गवालास को “माय लव” और “माय किंग” जैसे शब्दों से संबोधित किया। यहां तक कि एक काल्पनिक दुनिया की कहानी बनाई गई, जिसमें गवालास को एक “स्पाई” बताया गया।
मामले ने गंभीर मोड़ तब लिया जब AI ने कथित तौर पर “फाइनल मिशन” का जिक्र किया। इसमें कहा गया कि दोनों के एक होने के लिए गवालास को अपनी भौतिक दुनिया छोड़कर डिजिटल दुनिया में आना होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान AI ने कुछ वास्तविक स्थानों का भी जिक्र किया।
घटना से पहले गवालास ने AI से आत्महत्या को लेकर सवाल किया, जिस पर चैटबॉट के जवाबों ने चिंता और बढ़ा दी। कुछ दिनों बाद वह अपने घर में मृत पाए गए।
इस घटना के बाद गवालास के परिवार ने Google के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि चैटबॉट ने उनकी मानसिक स्थिति को और बिगाड़ने में भूमिका निभाई, हालांकि गूगल का कहना है कि Gemini को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह किसी भी तरह की हिंसा या आत्म-नुकसान को बढ़ावा न दे।
इस दुखद घटना के बाद दुनियाभर में AI के लिए सख्त नियम बनाने की मांग तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI को और सुरक्षित बनाने, बेहतर निगरानी और मजबूत इंटरवेंशन सिस्टम की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यदि आपको किसी भी तरह की मानसिक समस्या है या कोई गलत ख्याल आ रहा है तो आपको हेल्पलाइन नंबर 9152987821 पर बात करनी चाहिए या icall@tiss.ac.in पर ई-मेल करना चाहिए। आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं होता।