1.5 Ton वाले AC के लिए कितने सोलर पैनल की जरूरत होगी? बिजली बिल बढ़ने की टेंशन होगी खत्म

गर्मी के मौसम में AC का जमकर इस्तेमाल होता है। इसके अलावा कूलर,पंखे भी जमकर चलते हैं जिसकी वजह से बिजली का बिल तेजी से बढ़ता है। हालांकि आप सोलर पैनल लगवाकर एसी से बिल बढ़ने की टेंशन से फ्री हो सकते हैं।

Authored by: गौरव तिवारीUpdated Mar 18 2026, 16:59 IST
गर्मियों के मौसम में लोगों को अपने घरों में एसी की जरूरत महसूस होने लगती है। उत्तर भारत में आमतौर पर अप्रैल से लेकर सितंबर या अक्टूबर तक तेज गर्मी रहती है। गर्मी बढ़ने पर एसी का इस्तेमाल होता है लेकिन बहुत अधिक एसी चलने से बिल बढ़ने की टेंशन भी होती है।Image Credit : IStock01 / 10

गर्मियों के मौसम में लोगों को अपने घरों में एसी की जरूरत महसूस होने लगती है। उत्तर भारत में आमतौर पर अप्रैल से लेकर सितंबर या अक्टूबर तक तेज गर्मी रहती है। गर्मी बढ़ने पर एसी का इस्तेमाल होता है लेकिन बहुत अधिक एसी चलने से बिल बढ़ने की टेंशन भी होती है।

अगर आप इस गर्मी फिर से एसी चलाने वाले हैं या फिर नया एसी खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए काम की खबर है। अगर आप 1.5 टन एसी को डेली चलाते हैं तो करीब करीब आपको हर दिन 100 रुपये का अतिरिक्त खर्च करने होंगे। मतलब आपको महीने में 3000 रुपये तक अतिरिक्त बिजली बिल देना होगा।Image Credit : IStock02 / 10

अगर आप इस गर्मी फिर से एसी चलाने वाले हैं या फिर नया एसी खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए काम की खबर है। अगर आप 1.5 टन एसी को डेली चलाते हैं तो करीब करीब आपको हर दिन 100 रुपये का अतिरिक्त खर्च करने होंगे। मतलब आपको महीने में 3000 रुपये तक अतिरिक्त बिजली बिल देना होगा।

वहीं अगर पूरे सीजन की बात कर लें तो अगर आप 6 महीने तक लगातार का इस्तेमाल करते हैं तो आपको करीब करीब 18,000 रुपये बिजली बिल में खर्च करने पड़ेगें।  बिजली बिल को बढ़ने से बचाने के लिए आप इस गर्मी एसी चलाने के लिए सोलर पैनल का इस्तेमाल कर सकते हैं।Image Credit : IStock03 / 10

वहीं अगर पूरे सीजन की बात कर लें तो अगर आप 6 महीने तक लगातार का इस्तेमाल करते हैं तो आपको करीब करीब 18,000 रुपये बिजली बिल में खर्च करने पड़ेगें। बिजली बिल को बढ़ने से बचाने के लिए आप इस गर्मी एसी चलाने के लिए सोलर पैनल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

गर्मी के सीजन में कूलर, पंखे, और एयर कंडीशनर का दिनभर इस्तेमाल होता है। ऐसे में इस सीजन में बिजली का बिल भी तेजी से बढ़ता है। इस समस्या से बचने के लिए कई लोग सोलर पैनल लगवाते हैं। लेकिन कई लोगों के मन में यह कंफ्यूजन होता है कि 1.5 टन एसी को सोलर पैनल से चला सकते हैं और इसके लिए कितने सोलर पैनल की जरूरत होगी?Image Credit : IStock04 / 10

गर्मी के सीजन में कूलर, पंखे, और एयर कंडीशनर का दिनभर इस्तेमाल होता है। ऐसे में इस सीजन में बिजली का बिल भी तेजी से बढ़ता है। इस समस्या से बचने के लिए कई लोग सोलर पैनल लगवाते हैं। लेकिन कई लोगों के मन में यह कंफ्यूजन होता है कि 1.5 टन एसी को सोलर पैनल से चला सकते हैं और इसके लिए कितने सोलर पैनल की जरूरत होगी?

सबसे पहले आपको बता दें कि सोलर पैनल पर आप सिर्फ एसी का ही नहीं बल्कि बिजली से चलने वाले सभी सामानों का लोड दे सकते हैं। हालांकि हैवी यूज के लिए आपको कम से कम 10 सोलर पैनल की जरूरत होगी।Image Credit : IStock05 / 10

सबसे पहले आपको बता दें कि सोलर पैनल पर आप सिर्फ एसी का ही नहीं बल्कि बिजली से चलने वाले सभी सामानों का लोड दे सकते हैं। हालांकि हैवी यूज के लिए आपको कम से कम 10 सोलर पैनल की जरूरत होगी।

अगर आप 1.5 टन स्प्लिट एसी को चलाने के लिए सोलर पैनल लगवाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो इसके लिए आपको कम से कम 5KW के सोलर पैनल की जरूरत होगी। इसके पूरे सेटअप में आपको करीब-करीब 5 लाख रुपये का खर्च आ सकता है।Image Credit : IStock06 / 10

अगर आप 1.5 टन स्प्लिट एसी को चलाने के लिए सोलर पैनल लगवाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो इसके लिए आपको कम से कम 5KW के सोलर पैनल की जरूरत होगी। इसके पूरे सेटअप में आपको करीब-करीब 5 लाख रुपये का खर्च आ सकता है।

अगर आप चाहते हैं कि एसी चलाने पर बिजली का बिल न आए, तो इसके लिए आपको ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम लगाना होगा। इस सिस्टम में आप अपने एसी के साथ पूरे घर की बिजली की जरूरत सोलर पैनल से पूरी कर सकते हैं।Image Credit : IStock07 / 10

अगर आप चाहते हैं कि एसी चलाने पर बिजली का बिल न आए, तो इसके लिए आपको ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम लगाना होगा। इस सिस्टम में आप अपने एसी के साथ पूरे घर की बिजली की जरूरत सोलर पैनल से पूरी कर सकते हैं।

इसके लिए सोलर इनवर्टर और मजबूत (हेवी ड्यूटी) बैटरी लगानी पड़ती है। सोलर पैनल से जो डीसी (DC) करंट बनता है, उसे सोलर इनवर्टर एसी (AC) में बदल देता है। इसके बाद आप इसी बिजली से एसी और घर के बाकी सभी उपकरण आसानी से चला सकते हैं।Image Credit : IStock08 / 10

इसके लिए सोलर इनवर्टर और मजबूत (हेवी ड्यूटी) बैटरी लगानी पड़ती है। सोलर पैनल से जो डीसी (DC) करंट बनता है, उसे सोलर इनवर्टर एसी (AC) में बदल देता है। इसके बाद आप इसी बिजली से एसी और घर के बाकी सभी उपकरण आसानी से चला सकते हैं।

रात के समय बैटरी की मदद से आपको बिजली मिलती रहती है, लेकिन इससे आप एसी को सिर्फ 2 से 3 घंटे तक ही चला सकते हैं। इस समस्या से बचने के लिए आप ऑन-ग्रिड या हाइब्रिड सोलर सिस्टम लगा सकते हैं।Image Credit : IStock09 / 10

रात के समय बैटरी की मदद से आपको बिजली मिलती रहती है, लेकिन इससे आप एसी को सिर्फ 2 से 3 घंटे तक ही चला सकते हैं। इस समस्या से बचने के लिए आप ऑन-ग्रिड या हाइब्रिड सोलर सिस्टम लगा सकते हैं।

ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम लगवाने के लिए आपको बिजली विभाग में आवेदन करना पड़ता है। इस सिस्टम में रात के समय आपके घर की बिजली मेन सप्लाई से चलती है, जिससे आपको परेशानी नहीं होती।Image Credit : IStock10 / 10

ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम लगवाने के लिए आपको बिजली विभाग में आवेदन करना पड़ता है। इस सिस्टम में रात के समय आपके घर की बिजली मेन सप्लाई से चलती है, जिससे आपको परेशानी नहीं होती।

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