31 अगस्त 2026, मियामी में सुबह थी और भारत में देर शाम, जब लियोनेल मेसी ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर से रिटायमेंट की घोषणा की। दो दशकों तक उन्हें अपनी जिंदगी में छाए हुए देखने के बाद, दुनिया अचानक अजीब तरह से खाली और अनजान लगने लगी।
खेल जगत में कुछ प्रेम कहानियां ऐसी होती हैं जो फैंस के दिलों को छू जाती हैं। क्रिकेट में, सचिन तेंदुलकर और भारतीय टीम के बीच का सफर इसका सबसे प्रसिद्ध उदाहरण है। कोबी ब्रायंट और लॉस एंजिल्स लेकर्स का रिश्ता भी इसी सूची में शामिल है। पुर्तगाल का क्रिस्टियानो रोनाल्डो के साथ, माइकल शूमाकर और फरारी का जुड़ाव फॉर्मूला वन खेल की पहचान बन गया।
मेसी और अर्जेंटीना की कहानी का जन्म
फिर आती है लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना की कहानी। पहले के दौर में जहां फुटबॉल सितारों को अक्सर उन क्लबों के प्रतीक के रूप में दिखाया जाता है जिनके लिए वे खेलते हैं। मेसी के साथ भी लंबे समय तक ऐसा ही था, क्योंकि वे बार्सिलोना के पर्याय बन गए थे। लेकिन फिर एक समय के बाद मेसी और अल्बिसेलेस्टे (अर्जेंटीना) की कहानी ने जन्म लिया।
जब युवा मेसी धीरे-धीरे स्पेन में अपनी पहचान बना रहे थे। तब तक उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किस टीम के लिए खेलना है, यह तय नहीं किया था। वह रोसारियो के रहने वाले एक युवा लड़के थे, जो फुटबॉल में अपना नाम कमाने के लिए विदेश गए थे।
अल्बिसेलेस्टे के लिए धड़कता है दिल
स्पेन ने उन्हें अपनी टीम में शामिल करने के लिए जोरदार पैरवी की। क्योंकि उनकी स्वर्णिम पीढ़ी अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल पर अपना दबदबा कायम करने से कुछ ही साल दूर थी। यह खबर अर्जेंटीना तक पहुंची और फेडरेशन ने अपनी कोशिशें शुरू कर दीं। उधर मेसी का भी दिल सिर्फ एक ही चीज के लिए धड़क रहा था और वो था अर्जेंटीना के लिए खेलना।
देश के लिए जीता अंडर-20 विश्व कप
इसके संकेत तब से मिलने लगे थे, जब उन्होंने अर्जेंटीना की जर्सी पहनना शुरू किया। 17 साल की उम्र में सीनियर टीम में डेब्यू करने से लगभग एक महीने पहले मेसी ने उस टीम में अहम भूमिका निभाई जिसने फीफा अंडर-20 विश्व कप 2005 जीता था। उन्होंने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छह गोल किए, जिसमें नाइजीरिया के खिलाफ 2-1 से फाइनल जीत में किए गए दोनों गोल शामिल थे। मेसी ने गोल्डन बूट और गोल्डन बॉल पुरस्कार जीते।
इंटर मियामी क्लब के एक मैच के दौरान मेसी। फोटो- AP
हालांकि, सीनियर टीम में उनका डेब्यू थोड़ा निराशाजनक रहा। अगस्त 2005 में, मेसी हंगरी के खिलाफ अर्जेंटीना के लिए खेलने के लिए मैदान में उतरे और 47 सेकंड के भीतर ही उन्हें रेड कार्ड दिखाया गया और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। लेकिन, यही वजह है कि कुछ प्रेम कहानियां खास होती हैं। शुरुआत कभी भी आसान नहीं होती।
2006 में शुरू हुआ गौरवाशाली अध्याय
अपने छठे मैच में अर्जेंटीना के लिए खेलते हुए उन्होंने अपना पहला गोल किया, जो उनके 125 गोलों में से एक था। साल 2006 में मेसी का गौरवशाली अध्याय शुरू हुआ। सर्बिया और मोंटेनेग्रो के खिलाफ फुटबॉल विश्व कप में मेसी ने गोल करके अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हालांकि, अर्जेंटीना क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गया, लेकिन मेसी का नाम अब किसी से छुपा हुआ नहीं था।
Messi covers a building. फोटो- AP
माराडोना ने दी 10 नंबर की जर्सी
2008 के बीजिंग ओलंपिक में, उन्होंने अपनी टीम को ओलंपिक गोल्ड दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद अर्जेंटीना के वफादार फैंस ने उन्हें खूब प्यार दिया। उन्होंने उसे नंबर-10 की जर्सी सौंपी और उसे महान माराडोना का उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। यह जर्सी उन्हें स्वयं माराडोना ने दी थी। इसके बाद उन्हें टीम की कप्तानी भी मिल गई।
कोपा अमेरिका 2007 में हार, फीफा वर्ल्ड कप फाइनल 2014 में हार, 2015 और 2016 में कोपा अमेरिका खिताब से चूकना अर्जेंटीना के लिए दर्द भरा रहा। हालांकि, मेसी ने अपने प्रदर्शन से फैंस को मुस्कुराने की थोड़ी वजह दी थी। 2016 में उन्होंने संन्यास का ऐलान कर दिया।
संन्यास के बाद की दमदार वापसी
सच्चे प्यार में एक समस्या होती है। आप उससे कभी दूर नहीं रह सकते। अपने संन्यास के एक महीने बाद, मेसी अर्जेंटीना की जर्सी में वापस आ गए थे। साल 2021 में लियोनेल स्कालोनी के मार्गदर्शन में एक नई अर्जेंटीना की टीम बनी और मेसी की कप्तानी में कोपा अमेरिका का खिताब जीतकर साबित कर दिया कि वह और उनकी टीम हार नहीं मानने वाली है।
फिर आता है 2022 जब मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना रोमांचक फाइनल मुकाबले में फ्रांस को मात देकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। अर्जेंटीना ने मेसी को अपने पलकों पर बैठा लिया। 2024 में एक और कोपा अमेरिका ट्रॉफी जीती गई और यह प्रेम कहानी अपने चरम पर थी।
हर कहानी का एक अंत होता है और मेसी और अर्जेंटीना के लिए 2026 विश्व कप ही वह अंत था। कई लोगों को लगा कि शायद अर्जेंटीना के इस दिग्गज खिलाड़ी को कतर (2022) में ही संन्यास ले लेना चाहिए था, लेकिन वह एक बार फिर ट्रॉफी उठाना चाहते थे।
फीफा विश्व कप में किए हैं 21 गोल
Argentina Street. फोटो- AP
मैदान के बाहर उन्हें निजी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उनके पिता जॉर्ज अस्पताल में भर्ती थे। लेकिन एक बार फिर, मेस्सी ने मैदान पर कमान संभाली। 2026 फीफा वर्ल्ड कप में मेसी ने कमाल का प्रदर्शन किया। लेकिन अंत में टीम को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। मेसी ने विश्व कप के इतिहास में अर्जेंटीना के लिए 21 गोल दागे। पेले ने 12 और माराडोना ने 8 गोल किए हैं।
फिर पिता के निधन के बाद, मेसी का फुटबॉल से वह जुड़ाव खत्म हो गया। अंततः, यही वह कारण था, जिसने उन्हें अपने करियर को समाप्त करने के लिए प्रेरित किया। 2026 फीफा वर्ल्ड कप उनके शानदार करियर का अंतिम नजारा था और शायद इससे बेहतर विदाई की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
अनूठी प्रेम कहानी का सुखद अंत
भले ही इस वर्ल्ड कप के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का गोल्डन बॉल पुरस्कार स्पेन के कप्तान रोड्री को मिला जो इसके हकदार भी थे, लेकिन इस टूर्नामेंट में लियोनेल मेसी ने जो किया। वह फुटबॉल के इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगा। क्योंकि शायद ही कोई खिलाड़ी इतना लंबे समय तक विश्व फुटबॉल के शिखर पर रहा हो, जिसने वर्ल्ड कप जैसे सबसे बड़े मंच को अपना घर बना लिया हो।
मेसी ने 207 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 125 गोल किए हैं, जिससे वह देश के अब तक के सबसे ज्यादा गोल करने वाले और सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपने करियर में 2006, 2010, 2014, 2018, 2022 और 2026 के फीफा विश्व कप टूर्नामेंट में अर्जेंटीना का प्रतिनिधित्व किया।
