Anthropic और Zoho के CEO की बड़ी चेतावनी, AI एंट्री लेवल की आधी से ज्यादा नौकरियां खा जाएगा

पिछले कुछ सालों में अगर किसी एक चीज का सबसे बड़ा असर हुआ है तो वह है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(Artifical Intelligence)। अब एआई को लेकर एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई और जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने बड़ी बात कही है।

Authored by: गौरव तिवारीUpdated Feb 6 2026, 16:45 IST
Anthropic के CEO डारियो अमोडेई ने कहा है कि आने वाले 1 से 5 सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एंट्री-लेवल की आधी से ज्यादा नौकरियों को प्रभावित कर सकता है। उनका मानना है कि यह बदलाव औद्योगिक क्रांति जैसा होगा, जहां नई तकनीक ने काम करने के तरीकों को बदल दिया था और इंसानों का काम ज्यादा तेज़ और असरदार बना दिया था।Image Credit : IStock01 / 08

Anthropic के CEO डारियो अमोडेई ने कहा है कि आने वाले 1 से 5 सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एंट्री-लेवल की आधी से ज्यादा नौकरियों को प्रभावित कर सकता है। उनका मानना है कि यह बदलाव औद्योगिक क्रांति जैसा होगा, जहां नई तकनीक ने काम करने के तरीकों को बदल दिया था और इंसानों का काम ज्यादा तेज़ और असरदार बना दिया था।

Amodei ने अपने आर्टिकल “The Adolescence of Technology” में बताया है कि AI बहुत तेज़ी से विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब AI इंसानों की सोचने-समझने की कई क्षमताओं जैसा काम कर सकता है। उनका मानना है कि इस तेज़ बदलाव के कारण काम करने वाले लोगों के लिए खुद को इसके अनुसार ढालना आसान नहीं होगा।Image Credit : IStock02 / 08

Amodei ने अपने आर्टिकल “The Adolescence of Technology” में बताया है कि AI बहुत तेज़ी से विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब AI इंसानों की सोचने-समझने की कई क्षमताओं जैसा काम कर सकता है। उनका मानना है कि इस तेज़ बदलाव के कारण काम करने वाले लोगों के लिए खुद को इसके अनुसार ढालना आसान नहीं होगा।

CEO ने कहा कि AI के आने से एंट्री-लेवल की लगभग 50% नौकरियों पर असर पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि AI की क्षमता बहुत तेजी से बढ़ रही है और आने वाले कुछ सालों में यह सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम भी पूरी तरह कर सकता है।Image Credit : IStock03 / 08

CEO ने कहा कि AI के आने से एंट्री-लेवल की लगभग 50% नौकरियों पर असर पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि AI की क्षमता बहुत तेजी से बढ़ रही है और आने वाले कुछ सालों में यह सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम भी पूरी तरह कर सकता है।

Amodei ने AI की कुछ खास बातों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि सिर्फ दो साल में AI एक लाइन कोड लिखने से लेकर पूरा कोड लिखने तक पहुंच गया है। उनका कहना है कि AI अब इंसानों के काम का आम विकल्प बनता जा रहा है, जिससे कर्मचारियों के लिए एक जैसी दूसरी नौकरियों में जाना मुश्किल हो सकता है।Image Credit : IStock04 / 08

Amodei ने AI की कुछ खास बातों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि सिर्फ दो साल में AI एक लाइन कोड लिखने से लेकर पूरा कोड लिखने तक पहुंच गया है। उनका कहना है कि AI अब इंसानों के काम का आम विकल्प बनता जा रहा है, जिससे कर्मचारियों के लिए एक जैसी दूसरी नौकरियों में जाना मुश्किल हो सकता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब अपने काम का दायरा भी बढ़ा चुका है। AI अब मुश्किल और जटिल काम भी करने लगा है। इसके कारण कई लोगों के बेरोजगार होने या कम वेतन वाली नौकरियों में चले जाने का खतरा बढ़ सकता है।Image Credit : IStock05 / 08

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब अपने काम का दायरा भी बढ़ा चुका है। AI अब मुश्किल और जटिल काम भी करने लगा है। इसके कारण कई लोगों के बेरोजगार होने या कम वेतन वाली नौकरियों में चले जाने का खतरा बढ़ सकता है।

Zoho के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने भी AI के बढ़ते असर को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति ने बिना कोई कोड लिखे ही भगवद गीता का एक ऐप बना लिया, जो दिखाता है कि तकनीक कितनी तेजी से बदल रही है। उनका कहना है कि अब टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने वालों को दूसरे रोज़गार के विकल्पों के बारे में भी सोचना चाहिए।Image Credit : IStock06 / 08

Zoho के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने भी AI के बढ़ते असर को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति ने बिना कोई कोड लिखे ही भगवद गीता का एक ऐप बना लिया, जो दिखाता है कि तकनीक कितनी तेजी से बदल रही है। उनका कहना है कि अब टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने वालों को दूसरे रोज़गार के विकल्पों के बारे में भी सोचना चाहिए।

Amodei और वेम्बू दोनों ने कहा कि AI के तेजी से बढ़ने के कारण कामगारों को नई भूमिकाओं के अनुसार खुद को ढालना होगा। Amodei ने यह भी बताया कि आने वाले समय में, खासकर थोड़े समय में, नौकरी के बाजार में बहुत बड़े और पहले कभी न देखे गए बदलाव होंगे।Image Credit : IStock07 / 08

Amodei और वेम्बू दोनों ने कहा कि AI के तेजी से बढ़ने के कारण कामगारों को नई भूमिकाओं के अनुसार खुद को ढालना होगा। Amodei ने यह भी बताया कि आने वाले समय में, खासकर थोड़े समय में, नौकरी के बाजार में बहुत बड़े और पहले कभी न देखे गए बदलाव होंगे।

AI बहुत तेज से विकसित हो रहा है और अब यह कई तरह के काम करने में सक्षम हो गया है। इस वजह से काम करने वाले लोगों के लिए जरूरी हो गया है कि वे अपने कौशल को समय-समय पर अपडेट करें। नए टूल्स सीखना, नई तकनीकों को समझना और बदलती ज़रूरतों के अनुसार खुद को ढालना अब नौकरी में बने रहने के लिए बहुत अहम होगा।Image Credit : IStock08 / 08

AI बहुत तेज से विकसित हो रहा है और अब यह कई तरह के काम करने में सक्षम हो गया है। इस वजह से काम करने वाले लोगों के लिए जरूरी हो गया है कि वे अपने कौशल को समय-समय पर अपडेट करें। नए टूल्स सीखना, नई तकनीकों को समझना और बदलती ज़रूरतों के अनुसार खुद को ढालना अब नौकरी में बने रहने के लिए बहुत अहम होगा।

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!