Jharkhand Students Protest: रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्र आंदोलन शनिवार को 15वें दिन में प्रवेश कर गया है। इसी बीच शनिवार को अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से बातचीत की। बातचीत की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अलग-अलग छात्र संगठनों और सभी संबंधित पक्षों से बातचीत जारी रखेगी। मंत्री ने कहा कि सरकार किसी एक समूह तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सभी छात्र समूहों और स्टेकहोल्डर्स से उनकी राय ली जाएगी।
छात्रों से ईमेल के जरिए भी मांगे सुझाव
सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि सरकार की ओर से एक ईमेल आईडी जारी की जा रही है, जिस पर छात्र, आम लोग और अन्य संबंधित पक्ष अपनी शिकायतें और सुझाव भेज सकते हैं। उन्होंने एक ईमेल (JPSSC.feedback@gmail.com) भी शेयर किया। उन्होंने आगे कहा कि ईमेल के जरिए मिलने वाले सुझावों को भी सरकार ध्यान में रखेगी। इन सभी सुझावों और चिंताओं के आधार पर परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए रिफॉर्म पॉलिसी तैयार करने की कोशिश की जाएगी।
सभी की राय के आधार पर बनेगी सुधार नीति
मंत्री ने कहा कि सरकार विभिन्न छात्र समूहों और संबंधित पक्षों के साथ बैठकें करेगी। उनका कहना है कि सभी पक्षों की राय सामने आने के बाद सामूहिक निर्णय लेने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। सरकार का फोकस ऐसी सुधार नीति तैयार करने पर है, जिसमें छात्रों की ओर से उठाई जा रही चिंताओं को शामिल किया जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के एक प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगें और सुझाव प्रस्तुत करने के लिए हमसे मुलाकात की। यह प्रतिनिधिमंडल और उनकी मांगें पूरी तरह से जायज प्रतीत होती हैं। हमारा मानना है कि जब इन मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा, तो प्रतिक्रिया सकारात्मक होगी।"
क्या है छात्रों की मांग?
बता दें कि आंदोलन का केंद्र दो मुख्य मांगों पर टिका हुआ है। पहली मांग यह है कि 14वीं JPSC पीटी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए. दूसरी मांग यह है कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके। छात्रों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बिना परीक्षा परिणाम पर भरोसा करना मुश्किल है।
