संजू सैमसन को भारत और श्रीलंका की साझा मेजबानी में आयोजित टी20 विश्व कप 2026 में शानदार बल्लेबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। संजू ने टूर्नामेंट में खेले 5 मैच की 5 पारी में एक बार नाबाद रहते हुए 321 रन 80.25 के औसत और 199.37 के स्ट्राइक रेट से 321 रन बनाए। वो टूर्नामेंट के तीसरे सबसे सफल बल्लेबाज रहे। इसमें लगातार तीन और चार अर्धशतक शामिल हैं। संजू ने लगातार तीन मैच में तीन अर्धशतक जड़े और दो बार प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। टीम इंडिया की खिताबी जीत का सेहरा उनके सिर पर सजा।
साल 2024 में अमेरिका और वेस्टइंडीज की मेजबानी में खेले गए टी20 विश्व कप 2024 में टीम इंडिया को वर्ल्ड चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। बुमराह ने 8 मैच की 8 पारी में 8.26 के स्ट्राइक रेट और 4.17 की इकोनॉमी से कुल 15 विकेट अपने नाम किए थे। 7 रन देकर 3 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था।
साल 2022 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित टी20 विश्व कप 2022 में इंग्लैंड को वर्ल्ड चैंपियन बनाने में बांए हाथ के तेज सैम कुरेन ने अहम भूमिका अदा की थी। सैम कुरेन ने 6 मैच की 6 पारी में 11.38 के औसत और 6.52 की इकोनॉमी से 13 विकेट अपने नाम किए थे। 10 रन देकर 5 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
साल 2021 में यूएई में आयोजित टी20 विश्व कप 2022 में 7 मैच की 7 पारी में एक बार नाबाद रहते हुए 289 रन 48.16 के औसत और 146.70 के स्ट्राइक रेट से बनाए थे। वो टी20 विश्व कप 2021 में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। इसमें तीन अर्धशतक शामिल थे। 89* उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था।
विराट कोहली ने साल 2016 में भारत में आयोजित टी20 विश्व कप 2016 में खेले 5 मैच की 5 पारी में 3 बार नाबाद रहते हुए 136.50 के औसत और 146.77 के स्ट्राइक रेट से 273 रन बनाए थे। इसमें 3 अर्धशतक शामिल थे। नाबाद 89 उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। वो टूर्नामेंट के दूसरे सबसे सफल बल्लेबाज थे। भारतीय टीम फाइनल में पहुंचने में नाकाम रही थी। बावजूद इसके विराट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवार्ड अपने नाम करने में सफल रहे थे।
टीम इंडिया साल 2024 में टी20 विश्व कप का खिताब हासिल करने से चूक गई थी। टीम इंडिया को बांग्लादेश की मेजबानी में खेले गए टूर्नामेंट में फाइनल तक विराट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे ज्यादा 319 रन 6 मैच की 6 पारी में 106.33 के औसत और 129.14 के स्ट्राइकरेट से बनाए थे। इसमें चार अर्धशतक शामिल थे। विराट टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाज थे। इस प्रदर्शन के लिए वो प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए थे।
श्रीलंका की मेजबानी में साल 2012 में आयोजित टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉटसन ने 6 मैच की 6 पारी में एक बार नाबाद रहते हुए में 49.80 के औसत और 150 के स्ट्राइक रेट से 249 रन बनाए थे। वो टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाज थे। उन्होंने इसके अलावा गेंदबाजी में भ कहर बरपाया और 6 मैच की 6 पारी में 16 के औसत और 7.33 की इकोनॉमी से 11 विकेट भी अपने नाम किए थे। वो टूर्नामेंट के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज भी थे। ऐसे ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था।
साल 2010 में वेस्टइंडीज में आयोजित टी20 विश्व कप में इंग्लैंड को खिताबी जीत दिलाने में सबसे अहम भूमिका केविन पीटरसन ने अदा की थी। पीटरसन ने बल्ले के साथ 6 मैच की 6 पारी में बल्लेबाजी करते हुए 2 बार नाबाद रहे। उन्होंने टूर्नामेंट में 62 के औसत और 137.77 के स्ट्राइक रेट से 248 रन बनाए थे। इसमें दो अर्धशतक शामिल थे। नाबाद 73 उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।
साल 2009 में इंग्लैंड की मेजबानी में आयोजित टी20 विश्व कप में श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। दिलशान ने 7 मैच की 7 पारी में 317 रन 52.83 के औसत और 144.74 के स्ट्राइकरेट से बनाए थे। इसमें 3 अर्धशतक शामिल थे। नाबाद 96 उनका टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था।
साल 2007 में आयोजित पहले टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए थे। अफरीदी ने 7 मैच की 6 पारी में 91 रन 15.16 के औसत और 197.82 के स्ट्राइकरेट से बनाए थे। इसके अलावा गेंदबाजी में 7 मैच की 7 पारी में 12 विकेट 15.66 के औसत और 6.71 की इकोनॉमी से लिए थे। 19 रन देकर 4 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था। इस ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए वो प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट फाइनल में हार के बावजूद चुने गए थे।