ऐसे में गवर्निंग काउंसिल द्वारा मेगा ऑक्शन के नियमों का ऐलान करने से पहले अपने तार्किक और विवादित बयानों से सुर्खियों में बने रहने वाले क्रिकेटर रविचंद्रन ने राइट टू मैच कार्ड को लेकर बड़ा बयान दिया है।
राइट टू मैच ऐसा नियम है जिसके तहत नीलामी के दौरान बोली लगने के बाद टीम अपनी टीम में नीलामी से पहले शामिल रहे खिलाड़ी को शामिल करने के लिए इस नियम का इस्तेमाल करती हैं। इसके लिए आरटीएम कार्ड इस्तेमाल करने वाली टीम वही राशि खिलाड़ी को मिलती है जितने में वो नीलाम हुआ है।
अश्विन का मानना है कि आईपीएल ऑक्शन में राइट टू मैच (आरटीएम) कार्य वाले नियम से सर्वाधिक नुकसान खिलाड़ियों का होता है। यह नियम खिलाड़ियों के लिए बहुत ही ज्यादा अनफेयर है।
अश्विन ने अपने यूट्यब में इस नियम के बारे में बात करते हुए कहा, किसी भी खिलाड़ी के लिए आरटीएम से ज्यादा बेकार और कोई नियम नहीं है।
अश्विन ने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी किसी टीम से पहले जुड़ा रहा है और वो टीम भी उसके लिए बोली लगाती हैं तो दूसरी टीमों को ये पता चल जाता है कि पुरानी टीम उसे वापस लेने की इच्छुक है तो वो बोली को ज्यादा आगे नहीं ले जाती हैं जो कि अनफेयर है। इससे सबसे ज्यादा नुकसान खिलाड़ी को होता है।
नीलामी से पहले तीन-तीन आरटीम कार्ड सभी टीमों को दिए जाने से खिलाड़ी के हाथ खाली रह जाएंगे। आरटीम कार्ड के होने से खिलाड़ियों के सही कीमत नहीं मिलेगी। पहले ही खिलाड़ियों सही कीमत नहीं मिल रही है।