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आज रायपुर की विशेष अदालत में होगी महादेव बेटिंग ऐप केस के किंगपिन सौरभ चंद्राकर की पेशी, CBI की कस्टडी में लाया गया

सौरभ चंद्राकर को शाम करीब पांच बजे निजी विमान से CBI की हिरासत में रायपुर लाया गया। एजेंसी ने उसे ओमान से भारत लाए जाने के बाद ट्रायल कोर्ट में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड हासिल की थी।

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रायपुर लाया गया सौरभ चंद्राकर। (फोटो- pti)

6,000 करोड़ रुपये के महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप घोटाले के किंगपिन सौरभ चंद्राकर को आज रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इससे पहले मंगलवार को CBI की टीम उसे रायपुर लेकर पहुंची थी। ओमान से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद सीबीआई ने उसे दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर लिया था।

अधिकारियों ने बताया कि सौरभ चंद्राकर को शाम करीब पांच बजे निजी विमान से CBI की हिरासत में रायपुर लाया गया। एजेंसी ने उसे ओमान से भारत लाए जाने के बाद ट्रायल कोर्ट में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड हासिल की थी।

इससे पहले सोमवार को CBI ने अदालत को बताया था कि चंद्राकर के खिलाफ रायपुर की विशेष CBI अदालत ने 9 सितंबर 2026 को ओपन-एंडेड गैर-जमानती वारंट जारी किया था। एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में उसके खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है।

ED के अनुरोध पर ओमान से लाया गया भारत

सौरभ चंद्राकर को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुरोध पर ओमान से भारत प्रत्यर्पित किया गया है। वह महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में आरोपी है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय और अन्य जांच एजेंसियां लंबे समय से कार्रवाई कर रही हैं।

अवैध सट्टेबाजी सिंडिकेट में शामिल था महादेव ऐप

छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने महादेव ऑनलाइन बुक सट्टेबाजी मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच में सामने आया कि महादेव ऑनलाइन बुक देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट में से एक था, जिसे भारत के बाहर से संचालित किया जा रहा था। इस सिंडिकेट के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, ताश के खेल और दूसरे आयोजनों पर अवैध सट्टेबाजी कराई जाती थी। इसके लिए देशभर में फ्रेंचाइजी पैनल और ब्रांच का नेटवर्क बनाया गया था। ये पैनल लोगों को अपने साथ जोड़ते थे और उनसे सट्टे की रकम जमा कराते थे।

विदेश भेजा जाता था पैसा

सीबीआई जांच में खुलासा हुआ कि अवैध सट्टेबाजी से होने वाली कमाई को बड़ी संख्या में म्यूल बैंक खातों के जरिए इधर-उधर किया जाता था। कई स्तरों पर बैंक ट्रांजैक्शन के बाद इस रकम को हवाला नेटवर्क के जरिए विदेश भेजा जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि सिंडिकेट को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए कमाई का एक हिस्सा सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोटेक्शन मनी के तौर पर दिया जाता था।

भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में चार्जशीट

सीबीआई ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988, आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी आईपीसी की धाराओं के अलावा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की है। सौरभ चंद्राकर को इन चार्जशीट में प्रमुख आरोपियों में शामिल किया गया है। वहीं, ईडी भारत और विदेशों में उसकी कई संपत्तियां अटैच कर चुकी है।

ओमान में पकड़ा गया था सौरभ

सौरभ चंद्राकर के खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे ट्रेस कर हिरासत में लिया था। इसके बाद सीबीआई और ईडी ने ओमान सरकार को उसके प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक प्रस्ताव भेजे। इसमें आरोपी के खिलाफ जुटाए गए सबूत भी साझा किए गए।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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