आईपीएल के 18 साल के इतिहास में केवल 4 खिलाड़ी ऐसे हुए जिन्होंने अपनी टीम को ट्रॉफी दिलाने में अहम भूमिका निभाई। यही 4 खिलाड़ी इस लीग के सबसे लकी खिलाड़ी बने। इसके अलावा हर बार ऐसा हुआ कि टीम कोई और जीती और ऑरेंज कैप और पर्पल कैप किसी और ने अपने नाम किया।
18 साल के आईपीएल इतिहास में एमएस धोनी के नाम सबसे ज्यादा ट्रॉफी है और विराट कोहली के नाम सबसे ज्यादा रन है। लेकिन इसके बावजूद इन दोनों को लकी खिलाड़ी के तौर पर कंसीडर नहीं किया जाता है।
आईपीएल के सबसे लकी खिलाड़ियों में भुवनेश्वर कुमार का नाम शुमार किया जाता है। इस लीग के सबसे सफल गेंदबाज भुवी उन खिलाड़ियों में आते हैं, जिन्होंने एक ही साल ट्रॉफी और पर्पल कैप अपने नाम किया था। फिलहाल भुवी आईपीएल में 199 विकेट चटका चुके हैं।
भुवनेश्वर कुमार ने साल 2016 में पर्पल कैप जीता था। उन्होंने 17 मैच में 23 विकेट लिए थे। इसी साल सनराइजर्स हैदराबाद की टीम डेविड वॉर्नर की कप्तानी में पहली बार चैंपियन बनी थी, इसलिए भुवनेश्वर कुमार को लकी इस लीग का लकी खिलाड़ी माना जाता है।
दूसरे लकी खिलाड़ी रॉबिन उथप्पा हैं। साल 2014 में उथप्पा केकेआर की टीम का हिस्सा थे। इस बार कोलकाता ने गंभीर की कप्तानी में दूसरी बार ट्रॉफी उठाई थी। इस दौरान रॉबिन उथप्पा ने 16 मैच में 660 रन बनाए थे और ऑरेंज कैप अपने नाम किया था।
तीसरे लकी खिलाड़ी सीएसके के मौजूदा कप्तान रुतुराज गायकवाड़ हैं। गायकवाड़ ने 2021 सीजन में 16 मैच में 635 रन बनाए थे और ऑरेंज कैप अपने नाम किया था। इसी साल चेन्नई चैंपियन भी बनी थी।
चौथे लकी खिलाड़ी सोहेल तनवीर हैं। सोहेल ने आईपीएल के पहले ही सीजन में पर्पल कैप अपने नाम किया था। इस सीजन तनवीर ने 11 मैच में 22 विकेट चटकाए थे। इस बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर राजस्थान रॉयल्स ने पहली आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की थी।