​इन 6 राशियों का बेस्ट टाइम हो गया शुरू, दैत्यगुरु से 72 डिग्री पर आ गए हैं देवगुरु

Shukra Guru Panchank Yog 2026: दैत्यगुरु शुक्र और देवगुरु बृहस्पति एक दूसरे से 72 डिग्री पर आ गए हैं। इससे दोनों ग्रहों के बीच पंचांक योग का निर्माण हो गया है। आइए जानते हैं कि यह योग या आस्पेक्ट किन राशियों के लिए शुभ रहने वाला है।

Authored by: Mohit TiwariUpdated Oct 18 2026, 19:46 IST
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बन गया पंचांक योग

Shukra Guru Panchank Yog 2026: 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 3 बजकर 13 मिनट पर शुक्र और गुरु के बीच 72 डिग्री का कोण बना है। ज्योतिष में इसे पंचांक योग कहा जाता है। इस समय शुक्र तुला राशि में वक्री और अस्त हैं, जबकि गुरु कर्क राशि में विराजमान हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शुक्र का संबंध धन, प्रेम, सुख-सुविधाओं, कला और रिश्तों से है। वहीं, गुरु को ज्ञान, भाग्य, विस्तार, समृद्धि और सही फैसलों का कारक माना जाता है। इस योग में सबसे खास बात यह है कि गुरु कर्क राशि में उच्च के हैं, जबकि शुक्र अपनी राशि तुला में मौजूद हैं। हालांकि, शुक्र के वक्री और अस्त होने के कारण इससे मिलने वाले नतीजे हर मामले में सीधे और एक जैसे नहीं रहेंगे। कुछ राशियों को करियर और आर्थिक मामलों में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं, तो कुछ के लिए प्रेम संबंधों और पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाना जरूरी रहेगा। आइए जानते हैं कि किन राशियों के लिए शुक्र-गुरु का यह पंचांक योग शुभ रहेगा।

​मिथुन राशि​02 / 07

​मिथुन राशि​

मिथुन राशि वालों के लिए यह पंचांक योग आर्थिक मामलों और क्रिएटिव कामों में नए रास्ते खोल सकता है। इससे आपकी कमाई बढ़ेगी। आपकी राशि से शुक्र पांचवें भाव में और गुरु दूसरे भाव में हैं। पांचवां भाव बुद्धि, शिक्षा, प्रेम और क्रिएटिविटी से जुड़ा है, जबकि दूसरा भाव बचत, परिवार और धन का प्रतिनिधित्व करता है। इन दोनों ग्रहों का संबंध आपकी प्रतिभा को कमाई में बदलने की दिशा में मददगार हो सकता है। मीडिया, लेखन, मार्केटिंग, डिजाइनिंग और कम्युनिकेशन से जुड़े लोगों को अपने आइडिया के दम पर पहचान बनाने का मौका मिल सकता है। नौकरी करने वालों को भी अपनी स्किल्स दिखाने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, शुक्र के वक्री और अस्त होने के कारण किसी पुराने आर्थिक फैसले या प्रेम संबंध से जुड़ा मामला दोबारा सामने आ सकता है। जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय पूरी जानकारी लेकर आगे बढ़ना बेहतर रहेगा।

​कर्क राशि​03 / 07

​कर्क राशि​

कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं और इस राशि में गुरु उच्च के माने जाते हैं। इस दौरान गुरु आपकी राशि में ही मौजूद हैं, जबकि शुक्र चौथे भाव में हैं। चौथा भाव घर, परिवार, वाहन, संपत्ति और मन की शांति से जुड़ा होता है। ऐसे में यह योग घर से जुड़े किसी काम को आगे बढ़ाने, परिवार के साथ रिश्ते सुधारने या लंबे समय से अटकी योजना पर फिर से काम शुरू करने का मौका दे सकता है। जो लोग घर से बिजनेस करते हैं या क्रिएटिव कामों से जुड़े हैं, उन्हें अपने काम को बेहतर बनाने के नए आइडिया मिल सकते हैं। गुरु का आपकी राशि में होना फैसले लेने के दौरान समझ और दूर की सोच को बढ़ावा देने वाला माना जाता है। हालांकि, संपत्ति या महंगे सामान की खरीदारी में केवल भावनाओं के आधार पर फैसला न लें। बजट और जरूरी दस्तावेजों की जांच करने के बाद ही आगे बढ़ें।

​कन्या राशि​04 / 07

​कन्या राशि​

कन्या राशि वालों के लिए शुक्र-गुरु का पंचांक योग आर्थिक लिहाज से अहम रह सकता है। आपकी राशि से शुक्र दूसरे भाव में और गुरु ग्यारहवें भाव में हैं। दूसरा भाव धन और सेविंग्स का है, जबकि ग्यारहवां भाव इनकम, उपलब्धियों और नेटवर्क से मिलने वाले लाभ को दिखाता है। इस ग्रह स्थिति के आधार पर नौकरी में सैलरी बढ़ाने की बातचीत, पुराने भुगतान की रिकवरी या किसी प्रोफेशनल संपर्क से अवसर मिलने की संभावना बन सकती है। बिजनेस करने वालों को पुराने क्लाइंट्स के साथ काम दोबारा शुरू करने या नए कॉन्टैक्ट्स से फायदा उठाने का मौका मिल सकता है। लेकिन शुक्र के वक्री और अस्त होने के कारण खर्चों और पैसों से जुड़े पुराने मामलों की समीक्षा करना भी जरूरी होगा। इस दौरान कमाई बढ़ाने के साथ बचत पर ध्यान देना आपके लिए ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।

​तुला राशि​05 / 07

​तुला राशि​

तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं और इस समय शुक्र आपकी ही राशि में मौजूद हैं। वहीं, गुरु आपके दसवें भाव में हैं, जिसका संबंध करियर, प्रतिष्ठा और कामकाज से माना जाता है। इस वजह से नौकरीपेशा लोगों के लिए अपनी स्किल्स दिखाने, किसी अहम प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी लेने या प्रोफेशनल पहचान मजबूत करने के मौके बन सकते हैं। बिजनेस करने वाले लोग अपनी सर्विस, प्रोडक्ट या ब्रांड की इमेज बेहतर बनाने पर काम कर सकते हैं। कला, फैशन, मीडिया, मनोरंजन और पब्लिक डीलिंग से जुड़े लोगों को भी अपने काम में नए प्रयोग करने की प्रेरणा मिल सकती है। हालांकि, शुक्र के वक्री और अस्त होने की वजह से आत्मविश्वास और दूसरों की राय के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। पुरानी गलती को सुधारने का मौका मिले तो उसे नजरअंदाज न करें। करियर में जल्द नतीजे पाने के बजाय काम की क्वालिटी पर फोकस करें।

​वृश्चिक राशि​06 / 07

​वृश्चिक राशि​

वृश्चिक राशि वालों के लिए गुरु नौवें भाव में हैं, जिसे भाग्य, उच्च शिक्षा, लंबी यात्रा और गुरुजनों का भाव माना जाता है। शुक्र बारहवें भाव में होने के कारण विदेश, दूरस्थ संपर्क, निजी जीवन और खर्चों से जुड़े विषय भी सक्रिय रह सकते हैं। पंचांक योग आपको किसी पुराने लक्ष्य पर नए नजरिए से काम करने या आगे की पढ़ाई और करियर को लेकर बेहतर प्लानिंग करने की प्रेरणा दे सकता है। उच्च शिक्षा, ट्रेनिंग, रिसर्च, विदेश से जुड़े काम या आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि रखने वालों के लिए यह समय उपयोगी हो सकता है। हालांकि, बारहवें भाव में शुक्र के कारण सुख-सुविधाओं, यात्रा या निजी जरूरतों पर खर्च बढ़ने की आशंका भी रहेगी। किसी अवसर को भाग्य का संकेत मानकर तुरंत पैसा लगाने के बजाय उसके व्यावहारिक पहलुओं को जांचना जरूरी होगा।

​मकर राशि​07 / 07

​मकर राशि​

मकर राशि वालों के लिए शुक्र दसवें भाव में और गुरु सातवें भाव में हैं। दसवां भाव करियर और प्रतिष्ठा से जुड़ा है, जबकि सातवां भाव शादी, बिजनेस पार्टनरशिप और सार्वजनिक संपर्कों का प्रतिनिधित्व करता है। इस स्थिति में नौकरीपेशा लोगों को किसी वरिष्ठ अधिकारी या प्रोफेशनल संपर्क के माध्यम से नई जिम्मेदारी मिल सकती है। बिजनेस करने वालों के लिए क्लाइंट्स, पार्टनर्स और नए कारोबारी समझौतों पर बातचीत आगे बढ़ाने का मौका बन सकता है। जिन लोगों का काम ग्राहकों से मिलने, बातचीत करने या नेटवर्किंग पर निर्भर है, उन्हें अपनी रणनीति सुधारने का फायदा मिल सकता है। हालांकि, शुक्र के वक्री और अस्त होने के कारण किसी पुराने समझौते या पार्टनरशिप की शर्तों पर फिर से चर्चा हो सकती है। कोई भी नया एग्रीमेंट करने से पहले उसकी शर्तें ध्यान से पढ़ें और केवल मौखिक भरोसे पर निर्भर न रहें।

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