बदलते मौसम में बुखार, बदन दर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। कई बार लोग इन्हें सामान्य वायरल फीवर समझकर घर पर ही आराम करने लगते हैं। डेंगू मच्छरों से फैलने वाला वायरल संक्रमण है, जबकि सामान्य वायरल फीवर कई अलग-अलग वायरस के कारण हो सकता है। आइए जानते हैं वे 5 संकेत, जिन पर नजर रखकर आप समय रहते डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।
डेंगू में तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द और मांसपेशियों व जोड़ों में काफी दर्द हो सकता है। इसी वजह से इसे कभी-कभी 'हड्डी तोड़ बुखार' भी कहा जाता है। सामान्य वायरल फीवर में भी बदन दर्द और सिरदर्द हो सकता है, लेकिन हर मरीज में इसकी तीव्रता एक जैसी नहीं होती है।
डेंगू के दौरान कुछ लोगों की त्वचा पर लाल चकत्ते या दाने दिखाई दे सकते हैं। ये बीमारी के शुरुआती दिनों या बाद के चरण में नजर आ सकते हैं। हालांकि, वायरल फीवर और दूसरे संक्रमणों में भी त्वचा पर रैश हो सकते हैं।
डेंगू में मतली, उल्टी और भूख कम लगने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। पेट में तेज दर्द या लगातार उल्टी होना अधिक गंभीर डेंगू के चेतावनी संकेतों में शामिल है।
डेंगू के कुछ मामलों में नाक या मसूड़ों से खून आना, उल्टी में खून दिखना या मल का काला पड़ना जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। ये संभावित रक्तस्राव के संकेत हैं और तत्काल चिकित्सा जांच की जरूरत होती है।
डेंगू को लेकर एक जरूरी बात यह है कि बुखार कम होने का मतलब हमेशा बीमारी से पूरी तरह ठीक होना नहीं होता। कुछ मरीजों में बुखार उतरने के आसपास के समय, खासकर अगले 24 से 48 घंटों में, गंभीर लक्षण विकसित हो सकते हैं।
लेख में ऊपर बताए गए लक्षणों से डेंगू का संदेह हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि केवल लक्षणों के आधार पर नहीं करनी चाहिए। बल्कि डॉक्टर की सलाह पर जांच करा लें। शुरुआती दिनों में NS1 एंटीजन या RT-PCR जैसी जांच उपयोगी हो सकती हैं।