आम भाषा में समझें तो वास्तु का मतलब है चीजों को सही जगह पर रखना, ताकि जीवन आसानी से और बिना रुकावट चले। जब सही दिशा, लेआउट और व्यवस्था से दुकान चलती है तो उसमें बरकत बनी रहती है। साथ ही काम में रुकावटें कम होती हैं और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है। वास्तु के अनुसार बनी दुकान में ग्राहक ज्यादा रुकते हैं, बिक्री बढ़ती है और मानसिक तनाव भी कम रहता है। यहां से आप दुकान और दुकान के गल्ले से जुड़े कुछ खास वास्तु के नियम जान सकते हैं, जो आपकी लाइफ बदल कर रख देंगी।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, दुकान का गल्ला यानी कैश काउंटर और तिजोरी हमेशा दक्षिण-पूर्व यानी अग्नि कोण या फिर दक्षिण-पश्चिम यानी नैऋत्य कोण दिशा में रखना सबसे उत्तम और शुभ माना जाता है, जिससे धन की वृद्धि होती है। गल्ले का मुख उत्तर या उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण की ओर खुलना चाहिए, क्योंकि यह कुबेर की दिशा मानी जाती है।
दुकान के गल्ले में समृद्धि और बरकत के लिए चांदी का सिक्का, पान का पत्ता, चांदी की सुपारी, श्री यंत्र, या मां लक्ष्मी और गणेश की छोटी मूर्ति रख सकते हैं। बस गल्ला कभी खाली नहीं छोड़ना चाहिए, हमेशा कुछ नोट या सिक्के रखने चाहिए।
दुकान में सुख-समृद्धि और बरकत के लिए भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की तस्वीर या मूर्ति रखना सबसे शुभ माना जाता है। इसके अलावा, उत्तर दिशा में कुबेर देव और दक्षिण दिशा की दीवार पर शांत स्वरूप में हनुमान जी की तस्वीर लगाना कारोबार में सुरक्षा व उन्नति के लिए उत्तम है।
दुकान में भगवान की मूर्ति या तस्वीर का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना सबसे शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिशाएं समृद्धि और सकारात्मकता लाती हैं। मंदिर को दुकान के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व कोना में स्थापित करना चाहिए। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भगवान की मूर्ति या तस्वीर सीधे फर्श को न छुए, उसे किसी साफ चौकी या लकड़ी और संगमरमर के मंच पर रखें।
दुकान का मुख्य गेट जिसे प्रवेश द्वार भी कहते हैं, ये हमेशा उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण, पूर्व या उत्तर दिशा में होना सबसे शुभ माना जाता है। बस ध्यान दें कि गेट के सामने पेड़, खंभे, या नाली के न हों।
दुकान में बैठने के लिए वास्तु शास्त्र के अनुसार, दुकानदार को दक्षिण-पश्चिम दिशा यानी नैऋत्य कोण में बैठना चाहिए, ताकि उनका मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर हो। इससे धन, सफलता और समृद्धि आती है। वहीं प्रवेश द्वार की ओर पीठ करके बैठने से बचना चाहिए, क्योंकि यह आर्थिक हानि का कारण बन सकता है।