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मानसून का प्रचंड कहर! हिमाचल में 134 सड़कें बंद, जम्मू-कश्मीर में मौतों का आंकड़ा 30 पहुंचा, गुजरात में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी

देशभर में मानसून का असर तेज होता जा रहा है, जिससे कई राज्यों में बाढ़, भूस्खलन और भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और गुजरात में हालात सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं, जबकि दिल्ली में भी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।

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देशभर में मानसून बना आफत (AI फोटो)

Monsoon 2026: देश के कई राज्यों में मानसून (Monsoon 2026) एक बार फिर कहर बरपा रहा है। हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जबकि जम्मू-कश्मीर में भी बारिश से जान-माल का नुकसान जारी है। दूसरी ओर, दिल्ली में हल्की बारिश के बीच मौसम सुहावना बना हुआ है, वहीं गुजरात के कई जिलों में मूसलाधार वर्षा ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक बारिश का अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चलाकर स्थिति सामान्य करने में जुटी हैं।

हिमाचल में 134 सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश में शनिवार को मूसलाधार बारिश के कारण हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से 134 सड़कें बंद रहीं। वहीं, मौसम विभाग ने 28 से 30 जुलाई तक राज्य के चार जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार सुबह तक चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के कुछ हिस्सों में निम्न से मध्यम स्तर के अचानक बाढ़ के खतरे की चेतावनी दी है। विभाग ने कहा कि पहले से संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। इस मानसून मौसम में 30 जून से अब तक हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से 15 लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार शाम तक मूसलाधार बारिश से हुए भूस्खलन और बाढ़ के कारण यातायात के लिए बंद 134 सड़कों में मंडी की 58, कुल्लू की 33, चंबा की 14, सिरमौर की 12, शिमला की सात, कांगड़ा की पांच, लाहौल-स्पीति की चार और ऊना जिले की एक सड़क शामिल है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, राज्य में 35 पेयजल योजनाएं और 78 ट्रांसफॉर्मर भी प्रभावित हुए हैं।

जम्मू कश्मीर में मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 30

वहीं जम्मू कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश फिर शुरू होने के बीच राजौरी जिले में एक मकान गिरने से 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति और बेटा घायल हो गए। महिला की मौत के बाद जम्मू कश्मीर में बारिश से संबंधित घटनाओं में मरने वालों की संख्या 19 जुलाई से बढ़कर 30 हो गई है। वहीं एक सरकारी कर्मचारी सहित छह लोग अब भी लापता हैं और उनकी तलाश एवं बचाव अभियान जारी है। मौसम में सुधार के संकेत मिलने के बाद रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया। यह राजमार्ग कई भूस्खलनों के कारण तीन दिनों से बंद था। भारी बारिश और यात्रा मार्गों पर असुरक्षित हालात के कारण छह दिन तक निलंबित रहने के बाद प्राधिकारियों ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा और माता वैष्णो देवी तीर्थयात्रा को आंशिक रूप से फिर शुरू कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा मौसम और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित तरीके से बहाल किया गया।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

सड़क संपर्क और तीर्थयात्रा गतिविधियों के सामान्य होने के संकेतों के बीच, अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है। कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश जारी रही, जबकि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक जम्मू क्षेत्र में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को भारी बारिश के बीच राजौरी के थानामंडी के भटियां गांव में एक मकान गिर गया, जिसमें 45 वर्षीय शाहीदा परवीन की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इस घटना में परवीन के पति अब्दुल रहमान और बेटा तौफीक रहमान घायल हो गए, जिन्हें बचावकर्मियों ने अस्पताल पहुंचाया। पुंछ सबसे अधिक प्रभावित जिला रहा, जहां 18 लोगों की मौत हुई और पांच लोग अब भी लापता हैं। राजौरी में तीन लोगों की मौत और एक व्यक्ति के लापता होने की खबर है, जबकि डोडा और रामबन में क्रमशः तीन और दो लोगों की मौत हुई है। कश्मीर में बांदीपोरा जिले में एक मां-बेटे और बडगाम जिले में एक अन्य व्यक्ति की अचानक आई बाढ़ में डूबने से मौत हो गई। राजौरी, पुंछ और रियासी जिलों के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई, जबकि जम्मू और आसपास के मैदानी इलाकों, जिनमें सांबा और कठुआ शामिल हैं, में पूरे दिन हल्की बारिश होती रही।

दिल्ली में हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान

दिल्ली में शनिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि शहर के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों तक भी बहुत हल्की से हल्की बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। इसके बाद के दिनों में कहीं-कहीं मध्यम बारिश होने की संभावना है। सफदरजंग मौसम केंद्र में न्यूनतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक और पिछले दिन की तुलना में 0.4 डिग्री अधिक रहा। वहीं अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक तथा शुक्रवार की तुलना में 1.4 डिग्री अधिक रहा। इस बीच, पालम में न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले की तुलना में 0.2 डिग्री अधिक था और अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो एक दिन पहले से 0.9 डिग्री ज़्यादा था। लोदी रोड में न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शुक्रवार के मुकाबले 0.2 डिग्री अधिक रहा। वहीं आयानगर में न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में 1.1 डिग्री अधिक था। IMD के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार और शनिवार के बीच की रात तथा शनिवार को दिनभर शहर के विभिन्न हिस्सों में छिटपुट बारिश दर्ज की गई। सफदरजंग में शनिवार तड़के 2:30 बजे से 5:30 बजे के बीच एक मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। हालांकि इसके बाद शाम 5:30 बजे तक वहां बारिश नहीं हुई। अन्य मौसम केंद्रों पर भी हल्की बारिश दर्ज की गई। रविवार और सोमवार को भी बहुत हल्की से हल्की बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया गया है। इस बीच, विभाग ने मंगलवार और बुधवार के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए मध्यम बारिश की संभावना व्यक्त की है।

गुजरात में रेड और ऑरेंज अलर्ट

गुजरात के पाटन जिले के संतालपुर और राधनपुर तालुकों में शनिवार सुबह छह बजे तक, पिछले 24 घंटों के दौरान 340 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई, हालांकि राज्य में वर्षा की समग्र तीव्रता में कमी आई है। अधिकारियों ने हालांकि अगले दो दिनों के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में फिर से भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर सतर्कता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस बीच, प्रभावित जिलों में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए राहत और पुनर्बहाली का कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह छह बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान पाटन, वाव-थराद और खेड़ा जिलों में भारी बारिश हुई। इस अवधि में पाटन जिले के संतालपुर तालुका में 381 मिलीमीटर और राधनपुर तालुका में 342 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं, वाव-थराद के भाभर में 287 मिलीमीटर बारिश हुई। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, शनिवार सुबह 6 बजे तक के पिछले 24 घंटों में राज्य के 34 जिलों में बारिश हुई, जिनमें से 173 तालुकाओं में 250 मिलीमीटर (मिमी) से अधिक वर्षा दर्ज की गई। वाव-थराद और पाटन जिलों में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को तैनात किया गया है। वहीं, भारी बारिश से बुरी तरह प्रभावित अहमदाबाद में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। नवसारी और अहमदाबाद जिलों में एनडीआरएफ की तीन-तीन टीम तैनात की गई हैं। राज्य के प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ की कुल 18 और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की कुल 32 टीम को तैनात किया गया है। कई स्थानों पर राहत एवं बचाव कार्यों में सेना और तटरक्षक बल भी शामिल हो गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ की एक टीम ने अहमदाबाद जिले के धोलका तालुका में बाढ़ के पानी में फंसे 103 लोगों को सुरक्षित निकाला। एक अन्य अभियान में एनडीआरएफ के जवानों ने नवसारी जिले के गांवों से 120 लोगों को बचाया और 43 अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। अधिकारियों के अनुसार, एनडीआरएफ ने इन गांवों से दो शव भी बरामद किए हैं।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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