सावन में कुछ लोग व्रत रखते हैं, लेकिन शिवलिंग पर जल तो हर कोई चढ़ाता है। सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाना शुभ माना जाता है। लेकिन जल के साथ जब बेलपत्र भी चढ़ता है तो समझ नहीं आता कि शिवलिंग पर पहले क्या चढ़ाना चाहिए। इसी सवाल का यहां सही जवाब है। (Photo Source: istock)
शिवलिंग की पूजा का भी एक क्रम होता है, जिसका पालन करना चाहिए। सबसे पहले शिवलिंग पर जल चढ़ाया जाता है और उसके बाद ही बेलपत्र चढ़ता है। शिवलिंग पर जलाभिषेक के बाद बेलपत्र, फूल, धतूरा, भांग सब अर्पित किया जाता है। (Photo Source: istock)
शिवलिंग पर जल हमेशा तांबे के लोटे से ही अर्पित करें, साथ ही कभी भी पूर्व दिशा की ओर मुंह करके जल न चढ़ाएं। उत्तर दिशा की ओर मुख करके शिवजी को जल अर्पित करना शुभ माना गया है। (Photo Source: istock)
शिवलिंग पर जल चढ़ाने से अशुभ ग्रहों का प्रभाव दूर होता है। साथ ही धन और संपदा की प्राप्ति होती है। समाज और परिवार में आदर-सम्मान बना रहता है और शारीरिक- मानसिक पाप नष्ट हो जाते हैं। (Photo Source: istock)
पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती के पसीने से बेल वृक्ष प्रकट हुआ था और माता स्वयं इसकी हर शाखा, जड़, पत्ती और फल में निवास करती हैं। इसलिए बेलपत्र को शिव जी के प्रिय है। (Photo Source: istock)
बेलपत्र भगवान शिव को बहुत प्रिय है, इसलिए इसे चढ़ाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। बेलपत्र का पेड़ भी घर पर लगाया जाए तो घर में धन की कभी कमी नहीं होती है। (Photo Source: istock)
वैसे तो पूरे सावन ही रोज शिव जी को जल चढ़ता है। लेकिन अगर आप सिर्फ सोमवार के बारे में जानना चाहेंगे तो इस बाद सावन में 4 सोमवार हैं। पहला सोमवार 14 जुलाई, दूसरा 21 जुलाई, तीसरा 28 जुलाई और आखिरी सोमवार 4 अगस्त को होगा। (Photo Source: istock)