देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली को रोकने के लिए लाया गया 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' यानी एंटी पेपर लीक बिल अब राज्यसभा से भी पास हो गया है। लोकसभा से 29 जुलाई को पारित होने के बाद, बृहस्पतिवार को राज्यसभा ने भी भारी हंगामे के बीच इसे ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। अब यह विधेयक राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर के लिए जाएगा, जिसके बाद यह पूरे देश में कानून का रूप ले लेगा।
इस नए विधेयक में फर्जीवाड़े और पेपर लीक रोकने के लिए बेहद कड़े कदम उठाए गए हैं। प्रावधानों के मुताबिक, प्रश्नपत्र लीक करने या नकल कराने वालों को 5 से 10 साल तक की सजा और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। यदि यह अपराध किसी संगठित गिरोह द्वारा किया जाता है, तो सजा कम से कम 7 साल की जेल होगी और जुर्माना 10 करोड़ रुपये तक जा सकता है। इसके अलावा, मामले की जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी और राज्यों में बनने वाली त्वरित अदालतें (फास्ट ट्रैक कोर्ट) तीन महीने के अंदर सुनवाई पूरी करेंगी।
विधेयक के पारित होने से पहले सदन में तीखी बहस देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा बिल पेश किए जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार यह कानून छात्रों के भले के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव में लेकर आई है। खरगे ने कहा कि सरकार ने कड़ा कानून बनाने में दो साल की देरी की, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ।
सदन में अपने संबोधन के दौरान खरगे ने छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग का मुद्दा उठाया और कहा कि जब छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तब उन पर आंसू गैस और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। इस पर सत्ता पक्ष के नेता जेपी नड्डा ने कड़ा ऐतराज जताया और खरगे की भाषा को असंसदीय बताते हुए रिकॉर्ड से हटाने की मांग की। तीखी नोकझोंक और बहस के बाद आखिरकार बिल को उच्च सदन की मंजूरी मिल गई।
भाजपा के राज्यसभा सदस्य और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए कहा कि गृह मंत्री के बारे में खरगे की टिप्पणी कांग्रेस की ’’तुच्छ मानसिकता और पराजित मानसिकता’’ को दर्शाता है। त्रिवेदी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ’’राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गृह मंत्री के लिए बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। हमने सदन में इसका पुरजोर विरोध किया। हालांकि, हमारे विरोध के बाद उन्होंने अपनी टिप्पणी में संशोधन किया, लेकिन उनकी असली मानसिकता उजागर हो गई।’’
उन्होंने कहा, ’’इससे पहले हमने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते देखा और आज राज्यसभा में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली।’’ भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ खरगे और राहुल गांधी की टिप्पणियां उनकी ’’हताशा’’ को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा, ’’जनता लगातार आपको नकार रही है। ऐसी भाषा के इस्तेमाल से आप लोगों की नजरों में भी गिर गए हैं।’’
