आजकल फिट रहने के लिए लोग जिम, योग और वॉक का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर की रोजमर्रा की साफ-सफाई भी एक बेहतरीन फिजिकल एक्टिविटी हो सकती है। फायदा सोचकर काम वाली दीदी को हटाने की सोच रहे हैं तो पहले कुछ और बातें भी जान लें।
घर में झाड़ू लगाना, पोछा करना, धूल साफ करना या सामान व्यवस्थित करना ये कुछ ऐसे काम हैं, जो न केवल घर को साफ-सुथरा नहीं बनाते हैं, बल्कि शरीर और मन दोनों को हेल्दी रखने में भी मदद करता है।
झाड़ू-पोछा, फर्नीचर साफ करना और सामान उठाकर व्यवस्थित करना शरीर की कई मांसपेशियों को सक्रिय करता है। इससे शरीर की कैलोरी बर्न होती है। मूड फ्रेश होता है। वैसे ये काम आपके लिए स्ट्रेचिंग जैसा फायदा देता है।
सफाई के दौरान झुकना, उठना, चलना और हाथों की लगातार गतिविधि पूरे शरीर को सक्रिय रखती है। इससे पैरों, पीठ, कंधों और हाथों की मांसपेशियों की हल्की लेकिन प्रभावी एक्सरसाइज हो जाती है।
घर की सफाई एक हल्की से मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि मानी जाती है। इससे हार्ट रेट बढ़ती है और रक्त संचार बेहतर होता है। रोजाना ऐसी एक्टिविटी करने से हार्ट को फिट रखने में मदद मिलती है।
साफ-सुथरा और व्यवस्थित घर मन को शांति का एहसास कराता है। जब आप अपने आसपास का वातावरण व्यवस्थित रखते हैं, तो मानसिक तनाव कम महसूस होता है और मूड भी बेहतर हो सकता है।
घर में जमा धूल, गंदगी और नमी कई तरह के बैक्टीरिया, फफूंद और एलर्जी पैदा करने वाले कणों का कारण बन सकते हैं। रोजाना सफाई होने से इनसे होने वाले एलर्जी और इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है। लेकिन हां, सफाई अपने हाथ में तब लें, जब आपकी बॉडी मूवमेंट के साथ सहज हो। कमर दर्द, जॉइंट्स पेन आदि की स्थिति में अचानक सफाई में ना जुटें और काम वाली दीदी की पूरी मदद लें।