गणेश जी की मूर्ति की स्थापना हमेशा घर के उत्तर-पूर्व कोने यानी ईशान कोण में करनी चाहिए। गणपति की स्थापना कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं करनी चाहिए। (Pic: Canva)
गणेश जी की मूर्ति की पीठ पर दीवार होनी चाहिए। ध्यान रखें कि इसका मुख कभी भी बाथरूम या मुख्य दरवाजे की ओर न हो। ये शुभ नहीं मानी जाती है। (Pic: Canva)
घर पर गणपति की स्थापना के लिए गणेश जी की मूर्ति छोटे आकार की होनी चाहिए। घर के लिए 9–18 इंच के बीच के साइज की गणपति प्रतिमा रखना शुभ माना जाता है। गणेश जी की बहुत बड़ी मूर्तियां केवल मंदिर या सार्वजनिक पंडाल में उचित रहती हैं। (Pic: Canva)
घर पर गणपति की स्थापना के लिए बैठी हुई मुद्रा बेहद शुभ मानी जाती है। इसे ललितासन मुद्रा भी कहा जाता है। ऐसी मूर्ति शांति और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। (Pic: Canva)
घर के लिए वाममुखी गणपति शुभ माने जाते हैं। ऐसे गणेश जी की सूंड बाईं ओर मुड़ी हुई होती है। (Pic: Canva)
गणपति की मूर्ति को अकेले नहीं रखना चाहिए। जहां तक संभव हो गणपति को मां लक्ष्मी या मां सरस्वती के साथ स्थापित करें। ऐसा करना धन, ज्ञान और समृद्धि लाने वाला माना जाता है। (Pic: Canva)
गणेश जी की मूर्ति के आस-पास का स्थान साफ और प्रकाशयुक्त रखें। प्रतिदिन ताजे फूल, दूर्वा और मोदक अर्पित करें। टूटी-फूटी या खंडित मूर्तियां कभी न रखें।(Pic: Canva)