घर में गणपति स्थापना के वास्तु नियम, किस आकार की मूर्ति रखना होगा शुभ, इस मुद्रा के गणपति लाएंगे सौभाग्य

गणेश चतुर्थी पर गणपति को घर लाकर स्थापित करने की परंपरा है। लेकिन इसके लिए कुछ वास्तु नियमों का पालन आवश्यक है। घर में सुख-समृद्धि, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए इनकी अनदेखी सही नहीं होगी। घर में गणेश को ईशान-कोण में बैठाना चाहिए। आगे देखें कि गणेश चतुर्थी पर गणेश जी की किस साइज की मूर्ति शुभ रहेगी और गणेश की मूर्ति कौन सी मुद्रा में बैठी हुई लेनी चाहिए।

Authored by: मेधा चावलाUpdated Aug 25 2025, 14:56 IST
किस दिशा में बैठाएं गणपति 01 / 07

किस दिशा में बैठाएं गणपति

गणेश जी की मूर्ति की स्थापना हमेशा घर के उत्तर-पूर्व कोने यानी ईशान कोण में करनी चाहिए। गणपति की स्थापना कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं करनी चाहिए। (Pic: Canva)

दीवार से सटाएं 02 / 07

दीवार से सटाएं

गणेश जी की मूर्ति की पीठ पर दीवार होनी चाहिए। ध्यान रखें कि इसका मुख कभी भी बाथरूम या मुख्य दरवाजे की ओर न हो। ये शुभ नहीं मानी जाती है। (Pic: Canva)

क्या गणेश जी की बड़ी मूर्ति घर लानी चाहिए03 / 07

क्या गणेश जी की बड़ी मूर्ति घर लानी चाहिए

घर पर गणपति की स्थापना के लिए गणेश जी की मूर्ति छोटे आकार की होनी चाहिए। घर के लिए 9–18 इंच के बीच के साइज की गणपति प्रतिमा रखना शुभ माना जाता है। गणेश जी की बहुत बड़ी मूर्तियां केवल मंदिर या सार्वजनिक पंडाल में उचित रहती हैं। (Pic: Canva)

गणपति की कौन सी मुद्रा शुभ होती है04 / 07

गणपति की कौन सी मुद्रा शुभ होती है

घर पर गणपति की स्थापना के लिए बैठी हुई मुद्रा बेहद शुभ मानी जाती है। इसे ललितासन मुद्रा भी कहा जाता है। ऐसी मूर्ति शांति और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। (Pic: Canva)

गणपति की सूंड कौन सी दिशा में होनी चाहिए05 / 07

गणपति की सूंड कौन सी दिशा में होनी चाहिए

घर के लिए वाममुखी गणपति शुभ माने जाते हैं। ऐसे गणेश जी की सूंड बाईं ओर मुड़ी हुई होती है। (Pic: Canva)

देवी लक्ष्मी संग विराजें 06 / 07

देवी लक्ष्मी संग विराजें

गणपति की मूर्ति को अकेले नहीं रखना चाहिए। जहां तक संभव हो गणपति को मां लक्ष्मी या मां सरस्वती के साथ स्थापित करें। ऐसा करना धन, ज्ञान और समृद्धि लाने वाला माना जाता है। (Pic: Canva)

स्वच्छता और पूजन सामग्री 07 / 07

स्वच्छता और पूजन सामग्री

गणेश जी की मूर्ति के आस-पास का स्थान साफ और प्रकाशयुक्त रखें। प्रतिदिन ताजे फूल, दूर्वा और मोदक अर्पित करें। टूटी-फूटी या खंडित मूर्तियां कभी न रखें।(Pic: Canva)

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