गणेश जी के मंदिरों की बात आते ही मुंबई का सिद्धिविनायक मंदिर सबसे पहले याद आता है, लेकिन गुजरात में एक ऐसा मंदिर भी है, जो अपने विशाल गणेशाकार स्वरूप के लिए खास पहचान रखता है।
श्री सिद्धिविनायक देवस्थान गुजरात के महेमदाबाद में वात्रक नदी के किनारे स्थित है। श्री सिद्धिविनायक देवस्थान को एशिया का सबसे बड़ा गणेश के आकार वाला मंदिर बताया गया है। इसे 4 जून 2023 को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से मान्यता मिली थी।
इस मंदिर को खास बनाता है इसका गणेश जी के चेहरे जैसा विशाल ढांचा। यानी यहां सिर्फ भगवान गणेश की पूजा नहीं होती, बल्कि पूरा मंदिर ही गणपति के स्वरूप में दिखाई देता है। इसी अनोखी संरचना के कारण इसे एशिया का सबसे बड़ा गणेशाकार मंदिर कहा जाता है।
मंदिर की लंबाई करीब 120.98 फीट, चौड़ाई 84.25 फीट और ऊंचाई 71 फीट बताई गई है। इसका विशाल आकार इसे सामान्य मंदिरों से बिल्कुल अलग बनाता है। मंदिर परिसर करीब 22 बीघा क्षेत्र में फैला हुआ है।
गुजरात पर्यटन के अनुसार मंदिर सभी दिनों खुला रहता है। हालांकि त्योहारों और विशेष आयोजनों के समय दर्शन की व्यवस्था और भीड़ सामान्य दिनों से अलग हो सकती है। मंदिर की अपनी वेबसाइट पर लाइव दर्शन का समय सुबह 6:30 बजे से शाम 7:15 बजे तक दिया गया है। यात्रा से पहले आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें।
अगर आप अहमदाबाद से जा रहे हैं तो सड़क मार्ग आसान विकल्प है। गुजरात पर्यटन के अनुसार मंदिर अहमदाबाद-महेमदाबाद मार्ग के पास स्थित है और वहां अपनी गाड़ी, टैक्सी या कैब से पहुंचा जा सकता है। अहमदाबाद से मंदिर की दूरी करीब 30 किलोमीटर बताई जाती है।
गणेश चतुर्थी के समय मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है, इसलिए बहुत ज्यादा भीड़ वाले दिन के बजाय पहले या बाद की तारीख चुनना आरामदायक हो सकता है। मंदिर परिसर में पार्किंग, भोजन और कुछ ठहरने जैसी सुविधाओं की जानकारी गुजरात पर्यटन ने दी है। बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए लिफ्ट, व्हीलचेयर और इलेक्ट्रिक रिक्शा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध बताई गई हैं।