हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को सिर्फ खगोलीय घटना नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। इस दौरान चंद्रमा का रंग हल्का लाल या तांबे जैसा दिखाई देता है, इसलिए इसे 'ब्लड मून' भी कहा जाता है। आज भारत के अलग-अलग शहरों से ब्लड मून की कई सारी तस्वीरें सामने आईं। यहां से आप उन फोटोज को देख सकते हैं।
चंद्र ग्रहण की ये फोटो दिल्ली से आई है। आज का ये रक्तिम चंद्रमा केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का पवित्र अवसर है। जब पृथ्वी की छाया चांद को ढकती है, तब हमें यह संदेश मिलता है कि जीवन में आने वाला अंधकार स्थायी नहीं होता। हर छाया के पीछे प्रकाश छिपा होता है। यह क्षण हमें भीतर झांकने, अपने मन को शांत करने और ईश्वर की रचना की विशालता को महसूस करने का निमंत्रण देता है।
ये फोटो चंडीगढ़ की है। यहां चंद्र ग्रहण कुछ ऐसा नजर आया। ब्लड मून की यह लालिमा आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। ऐसा लगता है जैसे प्रकृति स्वयं ध्यान की अवस्था में हो। यह समय हमें अपनी नकारात्मक सोच, क्रोध और भय को छोड़कर सकारात्मकता को अपनाने की प्रेरणा देता है। चंद्र ग्रहण हमें सिखाता है कि परिवर्तन जीवन का नियम है, और हर परिवर्तन हमें और मजबूत बनाता है।
ओडिशा के भुवनेश्वर में चंद्र ग्रहण के कुछ अद्भुत नजारे देखने को मिले। इस तस्वीर से आप जान सकते हैं कि ये ब्लड मून कितना सुंदर था। आज आकाश में सजा यह चंद्र ग्रहण ब्रह्मांड की अद्भुत लीला का दर्शन कराता है।
कोलकाता में कुछ ऐसे आंशिक चंद्र ग्रहण की तस्वीर दिखी। ये धूंधली तस्वीर भी लोगों को आकर्षित करती है। ये क्षण आध्यात्मिक शुद्धि का अवसर है, जब ध्यान, प्रार्थना और मौन हमें भीतर की शांति से जोड़ते हैं।
रांची में आज ब्लड मून तो नजर नहीं आया। लेकिन यहां ग्रहण का नजारा कुछ ऐसा सा था। धरती की छाया से ढका ये चांद हमें याद दिलाता है कि जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ भी अस्थायी हैं। जैसे चंद्रमा ग्रहण के बाद फिर से पूर्ण रूप में चमकता है, वैसे ही हमारी आत्मा भी हर चुनौती के बाद और अधिक उज्ज्वल हो सकती है।
साल का पहला चंद्र ग्रहण जहां पूरे देश में देखा गया वहीं उत्तर प्रदेश में भी चंद्र ग्रहण की झलक देखने को मिली। यूपी में चंद्र ग्रहण शाम 6 बजकर 8 मिनट से शुरू हुआ और शाम 6 बजकर 46 मिनट पर इसका समापन हुआ। हालांकि चंद्रमा का उदय शाम लगभग 6 बजकर 34 मिनट पर हुआ जहां इसको आसमान में साफ देखा गया।