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यूरोप में Schengen Countries का क्या अर्थ है, जानें मुख्य विशेषताएं

What is Schengen Countries in Europe: यूरोप पढ़ाई के लिए, नौकरी या घूमने के लिए जाने वाले लोगों के साथ प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए यह जानना जरूरी है कि शेंगेन क्षेत्र क्या है और इसमें कितने देश हैं। यह क्यों जरूरी है और इसकी विशेषताएं क्या है।

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यूरोप में Schengen Countries का क्या अर्थ है (Photo - AI/Newsroom verified)

What is Schengen Countries in Europe: यूरोप घूमने या वहां पढ़ाई और नौकरी करने का सपना देखने वाले हर व्यक्ति ने 'शेंगेन क्षेत्र' (Schengen Area) और 'शेंगेन वीजा' के बारे में जरूर सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका अर्थ क्या है? वीजा और रेजिडेंट परमिट को लेकर क्या नियम है। अगर आप भी यूरोप के किसी देश में शिक्षा या नौकरी के लिए जाने की तैयारी कर रहे है तो आपको इसके बारे में विस्तार से जानना जरूरी है। क्योंकि Schengen Countries की जानकारी आपके लिए बहुत लाभकारी साबित होगी और इसके साथ ही आपको इसके लाभ और विशेषताओं की जानकारी मिलेगी। आइए जानते हैं कि शेंगेन क्षेत्र क्या है?

शेंगेन क्षेत्र का अर्थ क्या है?

शेंगेन वास्तव में यूरोप के उन देशों का एक एकीकृत समूह है जिन्होंने आपस में सीमाओं के नियंत्रण को समाप्त कर दिया है। इसका अर्थ यह है कि यदि आपके पास किसी भी एक शेंगेन देश का वैध वीजा या रेजिडेंट परमिट है, तो आप बिना किसी आंतरिक पासपोर्ट चेकिंग के अन्य सभी शेंगेन देशों में बिना रोकटोक घूम सकते हैं। आइए अब जानते हैं कि इस अनूठी व्यवस्था की शुरुआत कैसे हुई, यह कैसे काम करती है और इसकी मुख्य विशेषताएं क्या हैं।

शेंगेन क्षेत्र की उत्पत्ति कैसे हुई थी?

'शेंगेन' नाम लक्जमबर्ग के एक छोटे से गांव 'शेंगेन' से लिया गया है। वर्ष 1985 में इसी गांव में पांच यूरोपीय देशों ने आपस में एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसका उद्देश्य सीमा पार आवागमन को पूरी तरह से सुगम और बिना किसी रुकावट के बनाना था। वर्तमान समय में शेंगेन क्षेत्र में कुल 29 यूरोपीय देश शामिल हैं। इनमें से अधिकांश देश यूरोपीय संघ (EU) के सदस्य हैं, जबकि कुछ गैर-ईयू देश (जैसे स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन) भी इस समझौते का हिस्सा हैं।

शेंगेन क्षेत्र में शामिल देशों की लिस्ट

ऑस्ट्रिया (Austria)
बेल्जियम (Belgium)
बुल्गारिया (Bulgaria)
क्रोएशिया (Croatia)
चेक गणराज्य (Czech Republic)
डेनमार्क (Denmark)
एस्टोनिया (Estonia)
फिनलैंड (Finland)
फ्रांस (France)
जर्मनी (Germany)
ग्रीस (Greece)
हंगरी (Hungary)
आइसलैंड (Iceland)
इटली (Italy)
लातविया (Latvia)
लिकटेंस्टीन (Liechtenstein)
लिथुआनिया (Lithuania)
लक्ज़मबर्ग (Luxembourg)
माल्टा (Malta)
नीदरलैंड (Netherlands)
नॉर्वे (Norway)
पोलैंड (Poland)
पुर्तगाल (Portugal)
रोमानिया (Romania)
स्लोवाकिया (Slovakia)
स्लोवेनिया (Slovenia)
स्पेन (Spain)
स्वीडन (Sweden)
स्विट्जरलैंड (Switzerland)

शेंगेन व्यवस्था की मुख्य विशेषताएं

यूरोपीय महाद्वीप के आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन ढांचे को मजबूत करने में शेंगेन संधि की अहम भूमिका रही है। आइए अब इस अहम संधि मुख्य विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानते है। क्योंकि यह केवल वहां जाकर पढ़ाई और नौकरी करने वाले उम्मीदवारों के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि यूपीएससी और एसएससी जैसी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी जरूरी है। इससे संबंधित कई प्रश्न पेपर में आ सकते हैं।

1. सीमा-मुक्त यात्रा

शेंगेन क्षेत्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके सदस्य देशों के बीच की आंतरिक सीमाओं (Internal Borders) पर पासपोर्ट चेकिंग नहीं होती। उदाहरण के लिए, यदि आप फ्रांस से जर्मनी या इटली जा रहे हैं, तो आपको किसी भी अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर या सुरक्षा चेकिंग से नहीं गुजरना पड़ता। यह यात्रा बिल्कुल एक ही देश के दो शहरों के बीच सफर करने जैसी होती है। उदाहरण के लिए भारत। आप भारत में एक वीजा पर देश के किसी भी शहर में यात्रा कर सकते हैं, आपको हर राज्य या शहर में जाने के लिए एक अलग वीजा की आवश्यकता नहीं है।

2. एक वीजा पर 29 देशों की सैर

इंटरनेशनल ट्रैवलर और व्यापारिक यात्रियों के लिए शेंगेन वीजा बेहद फायदेमंद है। किसी भी एक शेंगेन देश के दूतावास से जारी किया गया शॉर्ट-स्टे वीजा (Type C) आपको 180 दिनों की अवधि के भीतर अधिकतम 90 दिनों तक सभी 29 शेंगेन देशों में घूमने की अनुमति देता है। इसके लिए हर देश के लिए आपको एक अलग वीजा लेने के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होती।

3. मजबूत बाहरी सीमा सुरक्षा

बता दें कि आंतरिक सीमाओं को हटाने का मतलब यह नहीं है कि यहां सुरक्षा से कोई समझौता किया जा रहा है। शेंगेन देश अपनी सभी बाहरी सीमाओं पर बहुत सख्त सुरक्षा जांच लागू करते हैं। जब कोई विदेशी नागरिक शेंगेन क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो उसके पास वैध दस्तावेज और वीजा होना अनिवार्य होता है। वीजा या किसी भी अन्य दस्तावेज में कमी के कारण उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

4. इंटीग्रेटेज इंफॉर्मेशन सिस्टम

शेंगेन क्षेत्र में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी सदस्य देश 'शेंगेन इंफॉर्मेशन सिस्टम' (SIS) नामक एक साझा डिजिटल नेटवर्क का उपयोग करते हैं। इससे आपराधिक रिकॉर्ड, वांछित अपराधियों, चोरी की संपत्तियों और वीजा धोखाधड़ी से जुड़ी जानकारी सभी देशों की पुलिस और इमिग्रेशन अधिकारियों के साथ रियल टाइम में साझा होती है।

5. व्यापार और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

आंतरिक सीमाओं पर चेकिंग न होने से सामान और सेवाओं का परिवहन बिना किसी देरी के होता है। इससे यूरोपीय अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा फायदा मिलता है और व्यापारिक लॉजिस्टिक्स की लागत में काफी कमी आती है।

6. छात्रों और पेशेवरों के लिए सहूलियत

विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और कार्यरत पेशेवरों को यदि किसी एक शेंगेन देश का रेजिडेंट परमिट या लॉन्ग-स्टे वीजा (Type D) मिल जाता है, तो वे छुट्टियां बिताने या घूमने के लिए बिना अतिरिक्त वीजा के अन्य शेंगेन देशों की यात्रा कर सकते हैं।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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