घर में सूर्य यंत्र रखने से भाग्य मजबूत होता है तथा नौकरी और व्यापार में तरक्की मिल सकती है। इससे घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और सुख-शांति आती है। इस दैवी यंत्र को घर में लगाकर पूजने से व्यक्ति को सामाजिक मान-सम्मान और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। ये यंत्र वास्तु दोषों को दूर करने में भी सहायक होता है।
श्री यंत्र को धन की देवी माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है और ये घर में समृद्धि लाने में मदद करता है। श्री यंत्र नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके घर में सकारात्मकता को बढ़ाता है। श्री यंत्र को घर के मंदिर, तिजोरी या दुकान के गल्ले के पास स्थापित करने से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
घर में महामृत्युंजय यंत्र लगाना भी शुभ माना जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस यंत्र से दुर्घटनाओं और दुर्भाग्य से सुरक्षा मिलती है तथा व्यक्ति के भीतर अध्यात्मिक चेतना का जागरण होता है। इस यंत्र से स्वयं भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है। महामृत्युंजय यंत्र ग्रहों के बुरे प्रभावों को खत्म कर उन्हें अनुकूल बनाता है, विशेष रूप से शनि, राहु और केतु ग्रह को ये नियंत्रित करता है।
शनि यंत्र घर में रखने से शनि देव की कृपा मिलती है। ये यंत्र शनि दोष और साढ़े साती के निवारण में सहायक हो सकता है। इसकी प्राण-प्रतिष्ठित विधि-विधान से की जाती है। शनि यंत्र को घर की उत्तर या पश्चिम दिशा में रखना शुभ माना जाता है। शनिवार के दिन इस यंत्र की पूजा करने से जातक को लाभ पहुंच सकते हैं।
घर में नवग्रह यंत्र स्थापित करने से कुंडली के ग्रहों में संतुलन बना रहता है, जिससे जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। इस यंत्र से घर में सुख-समृद्धि आती है और व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक, और आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है। ये यंत्र वास्तु दोषों को भी दूर करता है।