धूमकेतुओं का पहला नियम तो यह है कि धूमकेतु अत्यंत अप्रत्याशित होते हैं जिसका मतलब साफ है कि धूमकेतु को लेकर कुछ भी दावा नहीं किया जा सकता है। आप लोगों ने सनग्रेजर C/2024 S1 नामक धूमकेतु के बारे में सुना होगा, जो सितंबर 2024 के अंत में दिखाई दिया, लेकिन एक माह बाद सूर्य के पास पहुंचते ही वह टूटकर बिखर गया। (फोटो साभार: NASA)
धूमकेतु C/2023 A3 की पिछले साल दुनियाभर ने चमक देखी थी, लेकिन हमें एक 2025 में भी इसे देखने का मौका मिल सकता है। अप्रैल 2025 में धूमकेतु C/2023 A3 सूर्य से दूर जा रहा होगा जिसकी वजह से इसकी चमक कम हो जाएगी। ऐसे में इसे संभवत: टेलीस्कोप की मदद से देखा जा सकता है।
कुछ धूमकेतुओं को सूर्य का एक चक्कर लगाने में कई हजार साल लग जाते हैं, लेकिन 210पी महज 5.7 साल में ही एक परिक्रमा पूरी कर लेता है। इस धूमकेतु के नवंबर 2025 में सूर्य के करीब से गुजरने की संभावना है। ऐसे में इसे नग्न आंखों से देखा जा सकता है।
24पी नामक धूमकेतु पर सबसे ज्यादा चर्चा होती है और यह खगोलविदों का पसंदीदा विषय है। 24पी धूमकेतु की खोज 1911 में हुई थी और तब से आंतरिक सौरमंडल में इसे कई बार देखा गया है। संभावना है कि 8 जनवरी, 2026 में यह फिर दिखाई दें और तब अंतरिक्ष प्रेमी इसे नग्न आंखों से देख सकते हैं।
C/2024 E1 धूमकेतु को पोलैंड के खगोलविद कैस्पर विएर्जचोस ने 2024 में खोजा था। यह उनके जरिए खोजा गया 5वां धूमकेतु है। संभवत: यह जनवरी 2026 में सूर्य के नजदीक पहुंचे। ऐसे में इसे देखने का एक मौका मिल सकता है।