Artemis II, NASA का पहला मानवयुक्त चंद्र मिशन है, जो करीब 50 साल बाद इंसानों को चांद की कक्षा तक ले जाएगा। यह मिशन Apollo कार्यक्रम के बाद मानव अंतरिक्ष उड़ान का अगला बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस मिशन के तहत लगभग 10 दिनों की टेस्ट फ्लाइट होगी, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चांद के चारों ओर चक्कर लगाकर सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौटेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष यान और सिस्टम्स की कार्यक्षमता को परखना है।
Artemis II मिशन में Orion स्पेसक्राफ्ट और Space Launch System (SLS) रॉकेट की क्षमताओं की व्यापक जांच की जाएगी। ये वही सिस्टम हैं, जिनके जरिए भविष्य में इंसानों को चंद्रमा की सतह और आगे मंगल तक भेजने की योजना है।
NASA की “Send Your Name with Artemis II” पहल के तहत कोई भी व्यक्ति इस मिशन के साथ अपना नाम भेज सकता है। सभी नामों को एक SD कार्ड में सेव कर Orion स्पेसक्राफ्ट के भीतर रखा जाएगा।
नाम रजिस्टर करने वाले प्रतिभागियों को एक डिजिटल बोर्डिंग पास भी मिलेगा, जिसे वे यादगार के तौर पर डाउनलोड कर सकते हैं। इस मिशन के लिए आप यहां क्लिक करके फ्री रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इस पहल के लिए 21 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।
इस मिशन में NASA के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच शामिल होंगे। इनके साथ कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी (CSA) के अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैंसेन भी उड़ान भरेंगे। ये चारों SLS और Orion पर सवार होने वाले पहले इंसान होंगे।
NASA का मेगा रॉकेट फ्लोरिडा के केप केनवरल स्थित लॉन्च पैड तक पहुंच चुका है। अंतिम परीक्षण और ड्रेस रिहर्सल के बाद मिशन को हरी झंडी दी जाएगी। NASA के अनुसार, इसका पहला संभावित लॉन्च विंडो 6 फरवरी हो सकता है, जबकि मार्च और अप्रैल में भी विकल्प मौजूद हैं। यह मिशन भविष्य में चंद्रमा पर मानव वापसी और मंगल मिशनों की नींव तैयार करेगा।