3 एस्ट्रोनॉट्स के साथ 4 चूहों को अंतरिक्ष में भेजा है। चीन के इस प्लान से पूरी दुनिया में हलचल मच गई है। चीन ने जानकारी दी कि शनिवार को शेंझोउ 21 अंतरिक्ष यान (Shenzhou XXI crewed spaceship) देश के तियांगोंग स्पेस स्टेशन से डॉक हो गया है। पूरी डॉकिंग प्रक्रिया लगभग 3.5 घंटे चली, जो पिछले मिशनों की तुलना में तीन घंटे कम है।
टीम में मिशन कमांडर और पायलट झांग लू शामिल हैं, जो दो साल पहले शेंझोउ 15 मिशन में भी गए थे। अन्य दो सदस्य पहली बार अंतरिक्ष जा रहे हैं। 32 वर्षीय इंजीनियर वू फेई चीन के सबसे कम उम्र के अंतरिक्ष यात्री हैं।
झांग होंगझांग एक पेलोड विशेषज्ञ हैं, जो पहले नए ऊर्जा और नए पदार्थों पर शोधकर्ता थे। झांग ने कहा कि टीम स्पेस स्टेशन में ताई ची, बागवानी और कविता पढ़ने जैसी गतिविधियों के जरिए इसे स्वर्ग जैसा बनाएगी। तीनों सदस्य लगभग छह महीने तक स्टेशन पर रहेंगे।
इस बार चीन पहली बार अपने स्पेस स्टेशन में चूहों को भेज रहा है। कुल चार चूहे दो नर और दो मादा वजनहीनता और संगरोध के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए भेजे गए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे छोटे जानवरों की अंतरिक्ष में प्रजनन और अनुकूलन तकनीक पर शोध में मदद मिलेगी।
ये चूहे 300 उम्मीदवारों में से चुने गए और इनकी 60 दिनों तक कड़ी ट्रेनिंग हुई। ये चूहे शेंझोउ 20 के साथ पृथ्वी पर वापस आएंगे।
धरती की परिक्रमा करने वाला पहला जानवर लाइका नाम का एक कुत्ता था, जिसे सोवियत संघ ने 1957 में लॉन्च किया था. हालांकि इसकी ऑर्बिट में ही मौत हो गई थी। स्पेस में अब तक चूहों के अलावा कई और जीव भी जा चुके हैं। अंतरिक्ष में पहुंचने वाले पहले जीव मधुमक्खियां थीं, जिन्हें अमेरिका ने 1947 में लॉन्च किया था। इसके बाद अंतरिक्ष में एक रीसस बंदर को भेजा गया, जिसका नाम अल्बर्ट II था। इसे भी अमेरिका ने ही भेजा था.
चीन का यह कार्यक्रम स्पेस ड्रीम योजना का हिस्सा है, जिसमें अरबों डॉलर लगाए गए हैं, ताकि वह अमेरिका और रूस की बराबरी कर सके। चीन पहले ही मंगल और चांद पर रोबोटिक रोवर उतार चुका है। चीन का लक्ष्य 2030 तक इंसानों को चांद पर भेजना और वहां एक बेस बनाना है।