इजरायल डिफेंस फोर्स में में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं के लिए भी सैन्य सेवा अनिवार्य है तो स्विटजरलैंड में सैनिकों को प्रशिक्षण के बाद अपनी सर्विस राइफल घर पर रखने की अनुमति होती है।
दुनिया में नार्वे, स्वीडन, फिनलैंड, ग्रीस, तुर्किये जैसे कई दैश हैं जहां नागरिकों को अनिवार्य से अपने देश की सेना में सेवा देनी होती है। विश्व की अधिसंख्य सेनाओं लैंगिक समानता नहीं है। पुरुषों के अनुपात में महिलाओं की संख्या में काफी कम है लेकिन इजरायल, स्वीडन और फिनलैंड की सेना में महिलाओं की तादात अच्छी खासी है।
भारत का संविधान किसी भी नागिरक को अनिवार्य रूप से सेना में शामिल होने के लिए नहीं कहता। सेना के तीनों अंगों थल सेना, वायु सेना और नौसेना में युवा अपनी मर्जी और देश भक्ति की भावना से भर्ती होते हैं। यही नहीं, भारतीय सेना में सेवा में बने रहने की अनिवार्यता भी नहीं है। कोई भी किसी भी समय सेना के स्वैच्छिक रिटायरमेंट ले सकता है।
कई देशों की सेनाएं कुत्तों, ऊंट, घोड़ों, डॉल्फिन और यहां तक कि कबूतरों का भी इस्तेमाल कर चुकी हैं। अमेरिका की नौसेना ने डॉल्फिन का उपयोग माइन खोजने के लिए किया है। भारतीय सेना में भी जानवरों का सीमिल इस्तेमाल होता है।
दुनिया में सबसे बड़ी सेना चीन के पास है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी जिसे PLA कहा जाता है, उसमें 20 करीब लाख सैनिक है। चीन में भी युवाओं को सेना में शामिल होना अनिवार्य नहीं है।
अमेरिका में सक्रिय सैनिकों की संख्या करीब 14 लाख है। सैनिक संख्या में अमेरिका तीसरे स्थान पर है, लेकिन रक्षा बजट और तकनीक में पहले स्थान पर माना जाता है। अमेरिका के पास दुनिया की सबसे ताकतवर नौसेना भी है।
रक्षा बजट की अगर बात करें तो अमेरिका का रक्षा बजट दुनिया में सबसे अधिक है, जो कई देशों के कुल बजट से भी ज्यादा है। आबादी के अनुपात में उत्तर कोरिया की सेना दुनिया की बड़ी सेनाओं में से एक है। उत्तर कोरिया में सैन्य सेवा अनिवार्य है।