इंग्लैंड एक बार नहीं कई बार गुलाम बना। कभी रोम साम्राज्य ने इंग्लैंड पर कब्जा किया तो कभी फ्रांसिसियों ने। जूलियस सीजर ने ब्रिटेन के लोगों को दास बना लिया था। इतना ही नहीं अफ्रीका के समुद्री लुटेरों ने भी इंग्लैंड के लोगों को दास बना लिया था।
ब्रिटेन पर कब्जा करने की लिस्ट में सबसे ऊपर रोमन साम्राज्य का नाम आता है। एक रोमन सेनापति तथा अधिनायक जूलियस सीजर ने इसकी शुरुआत की थी। सीजर ने ब्रिटेन के कुछ हिस्सों पर कब्जा भी कर लिया था और वहां के लोगों को दास बना लिया था। ईसा पूर्व 55 और 54 में जूलियस सीजर द्वारा किए गए प्रारंभिक खोजी आक्रमण के बाद, ब्रिटेन को रोमन साम्राज्य में एकीकृत करने के लिए व्यापक सैन्य अभियान सम्राट क्लॉडियस के शासनकाल में शुरू हुआ।
43 ईस्वी में रोमन साम्राज्य ने पूरी तरह से इंग्लैंड को कब्जे में ले लिया। औलस प्लॉटियस की अगुवाई में रोमन सेना ने ब्रिटेन के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों पर अपना अधिकार जमा लिया। उन्होंने लोंडिनियम (आधुनिक लंदन) जैसे महत्वपूर्ण नगर बसाए और पूरे इलाके में सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया। वेल्स और उत्तरी इंग्लैंड में स्थानीय जनजातियों ने कड़ा विरोध किया, लेकिन अंततः रोमन साम्राज्य ने अधिकांश क्षेत्र पर अपना प्रभुत्व कायम कर लिया। इसके परिणामस्वरूप वहां रोमन संस्कृति, प्रशासन और जीवनशैली का प्रभाव गहराई तक फैल गया।
रोमन शासन के बाद मध्यकाल में इंग्लैंड एंग्लो-सैक्सन साम्राज्यों में बंट गया था। 1066 ईस्वी में नॉर्मन साम्राज्य (फ्रांस) ने इंग्लैंड पर कब्जा कर लिया। नॉर्मंडी के ड्यूक विलियम ने इंग्लैंड पर आक्रमण कर उसे जीता और नार्मल शासन स्थापित किया।
9वीं सदी में इंग्लैंड को वाइकिंग आक्रमणों का गंभीर सामना करना पड़ा। विशेष रूप से एल्फ्रेड द ग्रेट के शासनकाल के दौरान डेनमार्क से आए वाइकिंग्स ने उत्तरी और पूर्वी इंग्लैंड के बड़े भूभाग पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया था। इन इलाकों को बाद में “डेनलॉ” के नाम से जाना गया, जहां डेनिश कानून और प्रशासनिक व्यवस्था लागू की गई।
उत्तरी अफ्रीका के बारबरी समुद्री लुटेरे, जो 16वीं से 19वीं सदी के बीच भूमध्य सागर और अटलांटिक तट पर सक्रिय थे। इन्होंने भी इंग्लैंड के लोगों को दास बना लिया था। 17वीं सदी की शुरुआत में इनका आतंक ज्यादा था।
रोमन विजय ने ब्रिटेन को एक आदिवासी समाज से एक अधिक संगठित और शहरीकृत प्रांत में बदल दिया, जिसके निशान आज भी वहां के बुनियादी ढांचे और संस्कृति में देखे जा सकते हैं।