इस खास ट्रेन का नाम है, सचखंड एक्सप्रेस। ये एक्सप्रेस ट्रेन महाराष्ट्र के नांदेड़ से पंजाब के अमृतसर साहिब तक यात्रियों को सरलता और सुगमता से यात्रियों को ले जाती है। इसका ट्रेन नंबर 12715 है। यह नांदेड़ से सुबह 09:30 बजे निकलती है।अगर आप कभी इससे सफर करें तो आपको भी खाने की चिंता नहीं करनी होगी। इसके बारे में और भी रोचक बातें आपको आगे पता चलेंगी।
इस ट्रेन की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि मुफ्त खाना किसी विशेष क्लास के लिए नहीं बल्कि हर कोच और क्लास के लिए होता है फिर चाहे वह फर्स्ट क्लास हो या साधारण। इसके लिए उनसे कोई शुल्क भी नहीं लिया जाता। यह ट्रेन महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब राज्यों से होकर गुजरती है।
सचखंड एक्सप्रेस में सफर के दौरान नांदेड़ हुजूर साहिब से अमृतसर साहिब तक कुल छह मुख्य स्टेशनों पर यात्रियों को मुफ्त खाना परोसा जाता है। इनमें भोपाल, परभणी, जालना, औरंगाबाद और मराठवाड़ा के साथ-साथ नई दिल्ली भी शामिल है।
यह कार्य हाल-फिलहाल में नहीं शुरू किया गया, यह पिछले 29 सालों से निरंतर किया जा रहा है। यह सिक्खों के लंगर वाले सेवा भाव से जुड़ा हुआ है।
एक और बात जो इसे और खास बना देती है वो है कि इसका इंतजाम रेलवे की तरफ से नहीं होता। मतलब यह कि इस मुफ्त खाने का खर्चा रेलवे नहीं बल्कि स्थानीय गुरुद्वारे उठाते हैं। गुरुद्वारे के स्वयंसेवक इसमें सफर कर रहे यात्रियों को नाश्ता और भोजन (कढ़ी-चावल, दाल, रोटी, सब्जी) परोसते हैं।
इस परंपरा में अमीर-गरीब का कोई भेद नहीं होता बल्कि सभी को एक जैसा ही भोजन मिलता है। कह सकते हैं कि सचखंड एक्सप्रेस में भाईचारे और मानवता की एक मिसाल देखी जा सकती है।