आज की तारीख में क्लीन नोट पॉलिसी की चर्चा इसलिए हो रही है कि इसी के तहत आरबीआई ने 19 May 2023 को 2000 के नोटों को वापस लेने का ऐलान किया है। इस नोट को वापस करने के लिए एक समयसीमा 30 सितंबर 2023 निर्धारित की गई है।
आरबीआई की क्लीन नोट पॉलिसी के तहत जारी नोटों को वापस लिया जाता है। इसे जाली नोटों के सर्कुलेशन पर लगाम लाने के उद्देश्य से लाया गया था। इसके कुछ अच्छे प्रभाव भी दिखे हैं, तो थोड़ा संकट भी इस पॉलिसी के लागू करने के बाद देखा गया है।
क्लीन नोट पॉलिसी सन् 1988 में लाई गई थी। असली नोटों को सर्कुलन में बनाए रखने में आरबीआई की यह पॉलिसी काफी मददगार है। डिजिटल पेमेंट के आने के बाद इसमें सुधार किया गया और अक्टूबर 2018 में आरबीआई नई क्लीन नोट पॉलिसी लेकर आई।
इस पॉलिसी का इस्तेमाल समय-समय पर आरबीआई करती रही है। इस पॉलिसी के लागू होने के बाद से कई बार नोटों को इसी कानून के तहत वापस मंगवाया है।
क्लीन नोट पॉलिसी की आलोचना भी होती रही है। इसके तहत जब मार्केट से नोटों को वापस मंगाया जाता है तो कई बार नकदी का संकट भी पैदा हो गया है। साथ ही इसके तहत लिए गए फैसले से गरीब तबके पर ज्यादा असर देखा गया है।