समुद्र में डूबने वाला है भारत का ये शहर! वैज्ञानिकों ने कर दिया आगाह, कहा- वक्त है, अभी सुधर जाओ वरना...

जैसे-जैसे मानव विकास कर रहा है, वैसे-वैसे वह प्रकृति को नुकसान भी पहुंचाता जा रहा है। विकास के नाम पर न सिर्फ पेड़ काटे जा रहे हैं और हवा दूषित हो रही है,बल्कि बहुत बड़े पैमाने पर समुद्र में भी प्रदूषण बढ़ रहा है। जिसकी वजह से दुनिया के कई शहरों पर डूबने और तेजी धंसने का खतरा बढ़ गया है। समुद्र में प्रदूषण के स्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण ये शहर अपनी जमीन खो रहे हैं और समुद्र में समा रहे हैं। इनमें भारत के भी कई शहर शामिल हैं, जिनपर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इस लिस्ट में मुंबई, सूरत से लेकर चेन्नई अहमदाबाद कोलकाता और विशाखापट्टन शामिल हैं। विशाखापट्टनम के लिए तो वैज्ञानिकों ने जो कहा है वह अगर सच हो गया तो आंध्र प्रदेश के इस शहर का नामोनिशान मिट जाएगा।

Slideshow/s by: शिव शुक्लाUpdated Feb 21 2026, 17:24 IST
क्या कहा वैज्ञानिकों नेImage Credit : Canva/AI01 / 05

क्या कहा वैज्ञानिकों ने

वैज्ञानिकों ने कहा है कि इस सदी के खत्म होने तक विशाखापत्तनम में समुद्र के जलस्तर में अप्रत्याशित रूप से बढोतरी हो जाएगी। आलम यह होगा समुद्र में पानी यहां तक पहुंच जाएगा जिससे यह शहर समुद्र में समा भी सकता है।

​कैसे किया खुलासा​Image Credit : Canva/AI02 / 05

​कैसे किया खुलासा​

वैज्ञानिकों ने यह दावा एक नई स्टडी में किया है। यह स्टडी पुरी, चेन्नई और विशाखापत्तनम के समुद्र का अध्ययन पर आधारित है। इसमें वैज्ञानिकों ने समुद्र में प्रदूषण की स्थिति और उसके कारण जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी का अध्ययन किया। इसके लिए उन्होंने सैटेलाइट और समंदर के पुराने डेटा को अपना आधार बनाया। इसके आधार पर उन्होंने भविष्य में समुद्री जलस्तर की बढ़ोतरी का अंदाजा लगाया गया है।

इतनी सेंटीमीटर तक बढ़ा जलस्तर तो आएगी तबाहीImage Credit : Canva/AI03 / 05

इतनी सेंटीमीटर तक बढ़ा जलस्तर तो आएगी तबाही

इस अध्ययन में दावा किया गया है कि समुद्र में जलस्तर बढ़ने के पीछे काफी हद तक समुद्र में प्रदूषण जिम्मेदार है। ऐसे में प्रदूषण की मात्रा पर निर्भर होगा कि शी वाटर में कितना इजाफा होगा। इसमें कहा गया है कि अगर प्रदूषण का स्तर कम ही रहा तो शी वाटर लगभग 41 सेमी बढ़ जाएगा। वहीं, अगर मध्यम श्रेणी तक प्रदूषण बढता है तो समुद्री जल में 70 सेमी तक की बढ़ोतरी होगी। वहीं अगर इससे ज्यादा प्रदूषण बढ़ा तो जलस्तर के बढ़ने की स्थिति बेहद गंभीर हो जाएगी। तब ये 98 सेमी तक या उससे भी ऊपर चला जाएगा। यह वह स्थिति होगी जब शहर समुद्र की गहराइयों में पहुंच जाएगा। हालांकि ये हालात दुनिया में प्रदूषण के आंकड़ों पर निर्भर करेंगे।

​विशापत्तनम अगर डूबा तो क्या होगी इसकी वजह?Image Credit : Canva/AI04 / 05

​विशापत्तनम अगर डूबा तो क्या होगी इसकी वजह?

अध्ययन के मुताबिक, विशाखापत्तनम पर डूबने का जो खतरा मंडरा रहा है उसका कारण सिर्फ प्रदूषण ही नहीं है, इसकी कई और वजहें भी हैं, जैसे शहर के बढ़ने की तेज रफ्तार, बंदरगाहों पर बढता दबाव और निचले इलाकों में लगातार आती बाढ़। इसके साथ ही यहां जमीन के धंसने की गति भी भविष्य में शहर के डूबने का कारण बनेगी।

​करना होगा ये काम वरना....​Image Credit : Canva/AI05 / 05

​करना होगा ये काम वरना....​

वैज्ञानिकों ने भविष्य को लेकर आगाह भी किया है। उनका कहना है कि हालात को देखते हुए प्रदूषण में कमी लानी होगी ताकि ग्लोबल वार्मिंग से होने वाले नुकसान से बचा जा सके। इसके अलावा, भूनिगत जल के दोहन को भी कम करना होगा, जिससे कि जमीन धंसने की गति पर अंकुश लगाया जाए। वहीं, समुद्र को थोड़ा फ्री करना होगा।

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