हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई और कई लोगों को बचा लिया गया। इनमें से पांच को वडोदरा के एसएसजी (सर सैयाजीराव जनरल) अस्पताल में रेफर किया गया है। बचाए गए लोगों में से किसी की भी हालत गंभीर नहीं है। फोटो क्रेडिट - (टाइम्स नाउ नवभारत)
सुबह करीब साढ़े सात बजे पुल का 10 से 15 मीटर लंबा स्लैब ढह गया। वडोदरा के जिलाधिकारी अनिल धमेलिया ने बताया कि पुल ढहने के बाद दो ट्रक, दो वैन और एक ऑटोरिक्शा समेत पांच वाहन नदी में गिर गए। यह दुर्घटना बुधवार की सुबह लगभग 7 से 7:30 बजे के बीच हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल के ढहने से तीन ट्रक, दो इको, एक रिक्शा, एक पिकअप और दो बाइक नदी में डूब गए। फोटो क्रेडिट - (टाइम्स नाउ नवभारत)
राज्य सड़क एवं भवन विभाग तथा पुल निर्माण में विशेषज्ञता रखने वाले निजी इंजीनियरों की टीम को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने तथा पुल ढहने के कारणों और अन्य तकनीकी मामलों की प्रारंभिक जांच करने एवं रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। फोटो क्रेडिट - (टाइम्स नाउ नवभारत)
बचाव और राहत अभियान के तहत स्थानीय नगरपालिका और वडोदरा नगर निगम की अग्निशमन टीम दुर्घटनास्थल पर नौका और तैराकों के साथ दुर्घटनास्थल पर मौजूद है और राहत बचाव का कार्य कर रही है। एनडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव अभियान में शामिल हो गई है। वडोदरा दमकल विभाग की टीम और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव अभियान जारी है। फोटो क्रेडिट - (टाइम्स नाउ नवभारत)
गुजरात के मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि पुल का निर्माण 1985 में हुआ था और समय समय पर तथा जरूरत के अनुसार इसका रखरखाव किया जाता था। घटना के दृश्यों में दो खंभों के बीच पुल का पूरा स्लैब ढहा हुआ नजर आ रहा है। स्लैब के ढह जाने से पुल से गुजर रहे वाहन नदी में गिर गए। फोटो क्रेडिट - (टाइम्स नाउ नवभारत)
वडोदरा में पुल गिरने से 9 लोगों की मौत हो गई और अन्य 9 लोग घायल हो गए हैं। इस घटना पर पीएम मोदी ने शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा इस हादसे में घायल हुए लोगों को 50,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। (टाइम्स नाउ नवभारत)
करीब 900 मीटर लंबे गंभीरा पुल के 23 खंभे हैं और यह गुजरात के वडोदरा और आणंद जिलों को जोड़ता है। इसका उद्घाटन 1985 में हुआ था। फोटो क्रेडिट - (टाइम्स नाउ नवभारत)